कड़ाके की ठंड लेकिन किसानों के चेहरों पर मुस्कान, इस बार गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार की जगी उम्मीदें

करनाल | हरियाणा में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है जो गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित हो रही है. इससे फुटाव अच्छा बनेगा जिससे बंपर पैदावार की संभावना जताई जा रही है. यदि अब बारिश हो जाए तो सोने पर सुहागा हो जाएगा. राज्य में पिछले डेढ़ महीने से अच्छी बारिश नहीं हुई है.

Gehu Kisan

अबकी बार देशभर में 334.17 लाख हेक्टेयर रकबे में गेहूं की फसल की बुवाई की गई है. पिछली बार 328.04 लाख हेक्टेयर में बुवाई की गई थी. पिछले साल से इस बार 6.13 लाख हेक्टेयर रकबे में ज्यादा बुवाई की गई है. दलहन 136.36 लाख हेक्टेयर में हैं जो पिछले साल के 132.61 लाख हेक्टेयर से 3.74 लाख हेक्टेयर ज्यादा है. चना 95.88 लाख हेक्टेयर में है जो पिछले साल के 91.22 लाख हेक्टेयर से 4.66 लाख हेक्टेयर अधिक है.

गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीदें

गेहूं एवं जौ निदेशालय करनाल के निदेशक डॉ. रतन तिवारी ने बताया कि अभी ज्यादा सर्दी की वजह से गेहूं की ग्रोथ अच्छी है. मौसम अच्छा रहा तो पैदावार का लक्ष्य 119 मिलियन टन पूरा हो जाएगा. महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और यूपी सहित अन्य राज्यों से अच्छी रिपोर्ट आई है. यदि बारिश हो जाए तो यह गेहूं के लिए अमृत वर्षा होगी. मौसम मार्च तक ठीक रहा तो इस बार गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन हो सकता है.

उन्होंने बताया कि तेजी से तापमान न बढ़े तो गेहूं की फसल के लिए अच्छा रहता है. कई बार तापमान बढ़ने से फसल पर विपरीत असर पड़ जाता है. बारिश का काफी ज्यादा लाभ मिलता है. तेज हवा के झोंके या आंधी में फसल गिरने की संभावना रहती है.

आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि अगले 3 दिनों से रात के तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज होगी. सुबह के समय कोहरा छाया रहेगा और 19 व 22 जनवरी को बारिश होने की संभावना बनी हुई है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.