चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने शहीद सैनिकों के परिवारों के हित में एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है. बता दें कि प्रदेश सरकार ने एक नई छात्रवृत्ति योजना की घोषणा की है जिसके तहत शहीद सैनिकों के बच्चों को 5 हजार से 8 हजार रुपए महीने तक की वित्तीय सहायता राशि का लाभ दिया जाएगा. सैनिक और अर्द्धसैनिक कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विधानसभा चुनाव से पहले जारी अपने संकल्प पत्र में इसका वादा किया था.
हरियाणा में इन्हें मिलेगा योजना का लाभ
- शहीद, युद्ध या किसी ऑपरेशन में हताहत हुए सैनिकों के बच्चों को इस योजना का लाभ मिलेगा.
- रक्षा मंत्रालय के अधीन फोर्स जैसे थल सेना, वायु सेना, नौसेना और भारतीय तटरक्षक बलों के बच्चे.
- गृह मंत्रालय के अधीन BSF, CRPF, ITBP, SSB, NSG और असम राइफल्स सैनिकों के बच्चों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा.
- वे स्टूडेंट्स जिनके शहीद/ हताहत अभिभावक सेवा में भर्ती के समय हरियाणा के निवासी थे.
इतने रुपए मिलेगी छात्रवृत्ति राशि
राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, कक्षा छठी से 12वीं तक के स्टूडेंट्स को हर हाल 60 हजार रुपए छात्रवृत्ति राशि मिलेगी जबकि ग्रेजुएशन के स्टूडेंट्स को हर साल 72 हजार रुपए और पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे स्टूडेंट्स को हर साल 96 हजार रुपए छात्रवृत्ति राशि का लाभ मिलेगा.
इस नोटिफिकेशन में आगे बताया गया है कि युद्ध, आईईडी विस्फोट, आतंकवादी हमले, सीमा झड़पें, हृदय गति रुकना, हवाई दुर्घटना, समुद्र में मृत्यु, आंतरिक सुरक्षा कर्तव्य के दौरान, प्राकृतिक आपदाएं और बचाव अभियान में प्रभावित सैनिकों के बच्चों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा. इनके लिए असाधारण साहस और निर्णय लेने की क्षमता की आवश्यकता होती है.
योजना के लिए पात्रता शर्तें
पॉलिसी में यह प्रावधान है कि मृतक कर्मचारी को सेवा में शामिल होने के समय हरियाणा का निवासी होना चाहिए. चाहे उसका वर्तमान आवासीय एड्रेस कुछ भी हो. यदि केंद्र सरकार के स्थानांतरणीय कर्मचारियों की तैनाती के कारण सेवा में शामिल होने के समय कर्मचारी का एड्रेस अस्थायी था तो निवास स्थान का निर्धारण उनके पिता के स्थायी घर के एड्रेस के आधार पर किया जाएगा.
योजना शुरू करने का उद्देश्य
इस योजना को शुरू करने के उद्देश्य पर जोर देते हुए सरकार ने कहा कि इसका प्राथमिक लक्ष्य सशस्त्र और अर्द्धसैनिक बलों के शहीदों और युद्ध या ऑपरेशन में हताहत हुए सैनिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता करना है. सरकार ने स्पष्ट करते हुए कहा कि इस छात्रवृत्ति योजना का लाभ उस स्थिति में भी मिलेगा जब शहीद या हताहत के परिवार का एक या अधिक सदस्य सेवा में हो.
