चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार द्वारा ग्रुप डी कर्मियों के लिए क्लर्क प्रमोशन के रास्ते में कठोर शर्तें अड़ा दी गई है. जैसा कि आप सब जानते हैं ग्रुप डी कर्मचारियों को क्लर्क के पद पर प्रमोट किया जाना है पर इसके लिए सरकार द्वारा एक शर्त लगाई गई है. अब बिना पंजाबी- अंग्रेजी टाइपिंग टेस्ट पास किए कोई प्रमोशन नहीं होगा अन्यथा सीधे पुराने पद पर वापसी निर्धारित होगी. नए नियमों के मुताबिक, ग्रेड 4 से क्लर्क बनने वालों को प्रमोशन से 1 साल पहले सरकारी खर्चे पर ट्रेनिंग अनिवार्य रहेगी.

टाइपिंग टेस्ट पास करने के लिए आखिरी मौका
जो कर्मी पहले से क्लर्क के पद पर कार्य रहें हैं व अब तक टाइपिंग टेस्ट पास नहीं कर पाए हैं उन्हें 31 मार्च 2026 तक लास्ट चांस दिया गया है. निर्धारित वक्त में टेस्ट पास न करने पर उन्हें भी ग्रेड- 4 पद पर वापस भेजा जाएगा. यह आर्डर तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं. डीसी, एसडीएम, बोर्ड और कॉर्पोरेशन चेयरमैन को इन आदेशों को लेकर निर्देशित कर दिया गया है. इन नियमों से हजारों ग्रुप-डी कर्मियों पर प्रभाव पड़ेगा.
बनेगी 3 सदस्यों की समिति
कर्मचारी संगठनों ने फैसले पर आपत्ति व्यक्त की है जबकि सरकार का कहना है कि दफ्तरों में कामकाज की गुणवत्ता में सुधार होगा इसलिए यह नियम बनाया गया है. इच्छुक कर्मियों को ऑफिस टाइम के बाद विभाग, कार्यालय स्तर पर या महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान (मगसीपा) से टाइपिंग ट्रेनिंग दी जाएगी. सरकार ने सभी प्रशासनिक विभागों को निर्देशित किया है कि वे टाइपिंग टेस्ट आयोजन के लिए 3 सदस्यीय समिति बनाए. यह कमेटी साल में पदोन्नति चाहने वाले ग्रुप डी कर्मियों कर्मचारियों के लिए 3- 4 बार टाइपिंग टेस्ट करवाएगी.