यमुनानगर | हरियाणा के यमुनानगर जिले से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है. यमुनानगर जिले के गांव दडवा में एक विवाह समारोह हुआ जिसने दहेज प्रथा के खिलाफ एक व्यापक संदेश दिया. सौरभ गुर्जर नामक ग्रेजुएट युवक ने अपनी शादी को सादगीपूर्ण और सामाजिक चेतना का प्रतीक बनाते हुए दहेज के रूप में मात्र 1 रूपया स्वीकार किया.
असली शिक्षा वही जो समाज को दे संदेश
सौरभ पिछले 3 साल से इंग्लैंड में नौकरी कर रहे है. सौरभ ने विवाह में सादगी दिखाकर साबित कर दिया कि शादी कोई सौदा नही है बल्कि दो परिवारों के बीच पवित्र बंधन है. उन्होंने कहा कि इस निर्णय से उन्हें समाज में फैली दहेज की कुप्रथा के खिलाफ स्थाई संदेश देने की आशा है. दुल्हन सोनिया B.Sc पास है. सौरभ और सोनिया ने विवाह को दिखावे और पैसों के दायरे से बाहर रखा. दोनो पढ़े- लिखे जोड़े ने यह साबित कर दिया कि असली शिक्षा वही है जो समाज को सही संदेश दे.
सोच बदलो, समाज बदलो
सौरभ के पिता नरेश गुर्जर ने भी बेटे के इस कदम का समर्थन किया और कहा कि वे दहेज की किसी भी मांग को स्वीकार नहीं करेंगे. बेटे सौरभ ने कहा कि शादी आपसी परिवारों का मिलन है जो पैसों से नहीं बल्कि अच्छे संस्कारों से बनते है. यमुनानगर ने इस परिवार ने साबित किया है कि अगर सोच अच्छी हो तो समाज को बदला जा सकता है. गांव और आसपास के लोगों ने इस सामाजिक उदाहरण की सराहना की है.
