ज्योतिष | आज पूरे देश में होलिका दहन का पर्व मनाया जा रहा है कल 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. इस दिन चंद्र ग्रहण तो दिखाई देगा ही. साथ ही, आपको ब्लड मून भी दिखेगा. इसके बाद, आपको यह साल 2028 में नए साल के मौके पर देखने को मिलने वाला है. आमतौर पर धरती पर ऐसा नजारा 2 से 3 साल के अंतराल में ही देखने को मिलता है. आज हम आपको साल के पहले चंद्र ग्रहण के बारे में डिटेल जानकारी देने वाले है.
कल लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण
पंचांग के अनुसार, यह ग्रहण फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि पर लग रहा है. इस दिन ग्रहण होने की वजह से व्रत वाली पूर्णिमा एक दिन पहले ही रहेगी अर्थात आज का दिन स्नान और दान करने के लिए काफी अच्छा है. ज्योतिष के लिहाज से ग्रहण इस वजह से भी काफी खास माना जा रहा है क्योंकि यह सिंह राशि में लगने जा रहा है. इस समय ग्रहण की स्थिति भी काफी खास है. कुंभ राशि में मंगल- सूर्य -राहु -शुक्र और बुध ग्रह विराजमान है. इस वजह से कई राशि के जातकों का अच्छा समय भी शुरू हो सकता है.
भारत में इस समय दिखाई देगा ग्रहण
एक बार जब चांद पृथ्वी की गहरी छाया से बाहर आ जाता है, तो फिर इस प्रकार का चंद्र ग्रहण 2 से 3 साल के अंतराल में ही दिखाई देता है. ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है. ग्रहण का सूतक कल सुबह 6:20 से ही शुरू हो जाएगा क्योंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा. इस वजह से सूतक काल भी लगने वाला है. चंद्र ग्रहण मध्यान्ह 3:20 मिनट से शुरू होकर शाम 6:45 मिनट पर मोक्ष होगा जबकि सूतक काल इसे ठीक 9 घंटे पहले ही लागू हो जाएगा. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता अर्थात सभी शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है.
इन नियमों का रखे विशेष ध्यान
साल 2026 में लगने वाला पहला चंद्र ग्रहण न केवल भारत बल्कि अन्य देश जैसे पाकिस्तान- अफ़गानिस्तान- न्यूजीलैंड- ऑस्ट्रेलिया में भी दिखाई देने वाला है. भारत में यह ग्रहण मात्र 20 मिनट का ही रहने वाला है. सूतक काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता अर्थात मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं. ग्रहण के दौरान आपको खाना खाने से परहेज करना चाहिए.
अगर हो सके तो निरंतर भगवान के मंत्रों का जाप करना चाहिए. ग्रहण में गर्भवती महिलाओं को भी विशेष ध्यान रखना चाहिए, उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. अपने हाथ में कोई भी नुकीली चीज नहीं लेनी चाहिए. हो सके बाहर जाने से बचना चाहिए.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
