नूंह | हरियाणा के आर्थिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़े जिलों में शुमार नूंह से किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि यहां की मंडियों में सरसों की आवक जोर पकड़ने लगी है. खास बात यह है कि 28 मार्च से सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद शुरू होनी है लेकिन उससे पहले ही किसानों की सरसों की फसल MSP के रेट पर बिकने लगी है जिसकी खुशी किसानों के चेहरों पर साफ नजर आ रही है.
कितनी है सरसों की MSP
सरकार द्वारा सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6,200 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है और मेवात की मंडियों में किसानों को यह भाव सरकारी खरीद शुरू होने से पहले ही मिलने लगा है. थोड़ी ज्यादा नमी वाली सरसों भी 5,800 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रही हैं.
नूंह अनाज मंडी के व्यापारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में किसान सरसों की फसल लेकर पहुंच रहे हैं. अब तक मेवात क्षेत्र की विभिन्न अनाज मंडियों में 10 हजार क्विंटल से ज्यादा सरसों खरीदी जा चुकी है. उन्होंने बताया कि सरसों के भाव में तेजी की प्रमुख वजह इंटरनेशनल मार्केट की स्थिति भी है.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान के साथ इजरायल व अमेरिका की लड़ाई की वजह से खाद्य तेलों के वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी हुई है. पाम ऑयल के आयात में कमी आने से घरेलू बाजार में सरसों तेल की मांग बढ़ गई है, जिसका सीधा फायदा किसानों को ऊंचे भाव के रूप में मिल रहा है.
भाव में और तेजी की संभावना
नूंह मंडी के चेयरमैन ने बताया कि इंटरनेशनल स्तर पर पैदा हुई विषय परिस्थितियों और घरेलू डिमांड को देखते हुए सरसों के भाव में तेजी बनी हुई है. यदि यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में सरसों के भाव में और ज्यादा तेजी दर्ज होगी और पूरी संभावना है कि किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित MSP से भी ज्यादा भाव मिलें.
मंडी में फसल लेकर पहुंचे कुछ किसानों ने बताया कि इस बार मौसम भी ठीक रहा और फसल उत्पादन भी बढ़िया रहा है. मंडी में भाव भी अच्छा मिल रहा है जिससे किसानों को आर्थिक फायदा होगा. सरकारी खरीद शुरू होने से पहले ही भाव MSP के बराबर मिल रहा है तो इसकी बहुत खुशी है. आने वाले दिनों में भाव में तेजी की उम्मीद जताई जा रही है. इससे किसानों को मेहनत का सही फल मिलेगा.
