हिसार | हरियाणा के हिसार जिले के सोंथा गांव ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है. दरअसल, सोंथा गांव हिसार जिले का पहला ऐसा गांव बन गया है जिसने 100 % साक्षरता हासिल की है. लगभग ढाई हजार की आबादी वाला यह गांव जहां 7 साल पहले केवल 80% लोग ही साक्षर थे, जो क ख ग की पहचान के साथ पढ़ना- लिखना जानते थे. अधिकतर ग्रामीण तो बैंक या अन्य सरकारी विभागों के दस्तावेजों पर अंगूठा लगाकर ही काम चलाते थे.
आज उन्होंने अपनी इच्छाशक्ति, लगन और पढ़ने- लिखने के जुनून के दम पर गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है. अब गांव का बच्चा- बच्चा साक्षर है. इतना ही नहीं, 90 या इससे अधिक उम्र के लोग भी पढ़- लिखकर हस्ताक्षर करने में गर्व महसूस करते है.
Whatapp ग्रुप ने निभाई अहम भूमिका
गांव को साक्षर बनाने में की मुहिम में अहम भूमिका Whatapp ग्रुप की रही जिसमें गांव के दो वालंटियरों ने 15 साल से लेकर 90 साल तक के बुजुर्गों को इस ग्रुप से जोड़ा, जिससे सूचनाओं का आदान- प्रदान संभव हुआ.
इसके साथ ही गांव के चौकीदार ने मंदिरों, चौपालों, बैठकों और गली – गली मुनादी कर उल्लास योजना का प्रचार- प्रयास किया, जिससे ग्रामीणों में साक्षर बनने की ललक पैदा हुई.
डोर- टू- डोर किया सर्वे
उल्लास योजना के तहत, गांव में मुहिम चलाई गई. ग्रामीणों को Whatapp ग्रुप से जोड़कर योजना के फायदों के बारे में बताया गया. इसके साथ ही, सर्वे कर रिपोर्ट जुटाई गई और नियमित कक्षाएं ली गई.
शिक्षा विभाग की ओर से भी गांव में उल्लास योजना के तहत डोर- टू- डोर सर्वे कर ग्रामीणों को जागरुक किया गया. गांव के लोगों ने लेटर पैड पर लिखकर शिक्षा विभाग को भी सौंप दिया कि उनके गांव का हर सदस्य अब साक्षर है.
