चंडीगढ़ | हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का आज 12वां दिन चल रहा है. सदन की कार्यवाही में प्रश्नकाल के दौरान नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने प्रदेश में साइबर क्राइम का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि इसमें और ज्यादा सुधार की गुंजाइश है. गुरुग्राम और फरीदाबाद में इसको लेकर कमिश्नरेट बनाया जाए.
कांग्रेस विधायक के सवाल का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि साल- दर- साल प्रदेश में साइबर क्राइम के मामलों में कमी आ रही है. हमारी सरकार इस तरह के अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सख्ती से काम कर रही है. सरकार द्वारा जिलावार साइबर अपराध पर फोकस किया गया है.
हरियाणा के CM ने दिया जवाब
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि निरंतर साइबर अपराध में कमी आई है. लगातार हमारी सरकार इस पर काम कर रही है. जो ठगी करता है, वह मल्टीपल अकाउंट में पैसे भेजता है लेकिन विभिन्न बैंकों में बैठे हमारे नोडल अधिकारी इन खातों को फ्रीज कर देते हैं. साइबर पुलिस इस अकाउंट की राशि को होल्ड कर देती है.
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने साइबर अपराध पर जीरो एफआईआर दर्ज करने की शुरुआत की हैं. जैसे ही कोई व्यक्ति साइबर फ्रॉड का शिकार बनने पर 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज करवाता है तो उसके क्षेत्र के संबंधित एरिया में उसकी एफआईआर दर्ज हो जाएगी. हमारी सरकार ने बजट में तीन नए साइबर थाने खोलने की घोषणा की है.
बैंक से आएंगे 2 OTP
सीएम नायब सैनी ने बजट सत्र में एक बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराध के केसों में 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनते हैं. उन्हें डरा- धमकाकर लाखों रुपए ट्रांसफर करवा लिए जाते हैं. अब इस तरह के मामलों में राशि ट्रांजेक्शन करते समय बैंक की ओर से 2 वन टाइम पासवर्ड (OTP) भेजें जाएंगे. एक ओटीपी संबंधित व्यक्ति के पास जबकि दूसरा उसके बेटा- बेटी या अन्य फैमिली मेंबर्स के मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा ताकि वह तुरंत प्रभाव से डिजिटल अरेस्ट के शिकार बुजुर्ग से यह जान सकें कि इतनी बड़ी रकम आप किसलिए ट्रांसफर कर रहे हैं. यदि किसी गड़बड़ी का अंदेशा लगता है तो बुजुर्ग के पास मदद भेजी जा सकेगी. इससे बुजुर्गो को लंबे समय तक डिजिटल अरेस्ट नहीं रखा जा सकेगा.
