चंडीगढ़ | हरियाणा में राज्यसभा की 2 सीटों पर हुए चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद हर रोज नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं. बीजेपी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल को राज्यसभा चुनाव के रण में उतारने वाले तीन निर्दलीय विधायकों में से गन्नौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक देवेंद्र कादियान ने इस संबंध में एक बड़ा खुलासा करते हुए इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी (INLD) पर बड़े आरोप जड़े हैं.
INLD पर लगाया धोखा देने का आरोप
निर्दलीय विधायक देवेंद्र कादियान ने कहा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर INLD ने हमारे साथ धोखा किया है. इनेलो प्रमुख अभय चौटाला ने राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल को अपना समर्थन देने का भरोसा दिलाया था. सतीश नांदल को सिर्फ 1 वोट कम मिला है. यदि INLD के दोनों विधायकों अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल के वोट भी सतीश नांदल को मिलते तो वह चुनाव जीत जाते और कांग्रेस की निश्चित हार होती.
मीडिया से बातचीत करते हुए देवेंद्र कादियान ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल का नामांकन पत्र दाखिल कराने वाले 5 विधायक थे जिनमें तीनों हम निर्दलीय और दोनों INLD के विधायक अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल भी शामिल हैं. उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि निर्दलीय व INLD के विधायकों ने मिलकर सतीश नांदल को राज्यसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारा था, फिर न जाने क्यों इनेलो पार्टी के विधायक अपनी बात से पलट गए.
क्रॉस वोटिंग पर दिया स्पष्टीकरण
कादियान ने कहा कि INLD विधायक आदित्य देवीलाल विधानसभा में स्वर्गीय चौधरी देवीलाल का चश्मा लेकर आए थे. मैंने उसे नमन किया लेकिन उन्होंने चश्मे की लिहाज नहीं रखी. उन्होंने कहा कि निर्दलीय प्रत्याशी खड़ा करने की शुरुआत इनेलो की ही थी. सोमवार 16 मार्च को वोटिंग के दिन हमने दोनों इनेलो विधायकों के वोट देने आने का इंतजार किया लेकिन क्यों नहीं आए, इस बारे में वे ही बेहतर बता सकते हैं.
क्रॉस वोटिंग के सवाल पर देवेंद्र कादियान ने कहा कि ऐसा करने वाले 5 विधायक कौन-से है, यह पूरा हरियाणा जान चुका है. उन्होंने स्वीकार करते हुए कहा कि हम लोग इन पांचों विधायकों के पास वोट मांगने गए थे और उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल के पक्ष में मतदान भी किया.
