नूंह | हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव के बाद हर रोज नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं. बता दें कि हरियाणा कांग्रेस पार्टी की ओर से 5 विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग की गई है और इसमें मेवात क्षेत्र से दो कांग्रेस विधायकों के नाम भी शामिल हैं जिसके बाद मेवात का राजनीतिक पारा गर्माया हुआ है.
क्रॉस वोटिंग का लगा आरोप
कांग्रेस पार्टी की ओर से राज्यसभा चुनाव में जिन 5 विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग की गई है उनमें पलवल जिले की हथीन विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मोहम्मद इसराइल और नूंह जिले की पुनहाना सीट से कांग्रेस विधायक इलियास शामिल हैं. कांग्रेस पार्टी का कहना है कि इन विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध की जगह निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पक्ष में मतदान किया है.
इन सभी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है. नोटिस जारी होने पर स्थानीय स्तर पर सियासी चर्चाएं तेज हो गई है. इन विधायकों की भविष्य की राजनीति को लेकर लोग तरह- तरह के कयास लगा रहे हैं. वहीं, बीजेपी इसे अपने विस्तार के अवसर के रूप में देख रही है.
कांग्रेस विधायक मोहम्मद इसराइल ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध उन्हें पसंद नहीं थे. इसलिए उन्होंने उनके पक्ष में मतदान नहीं किया. नोटिस जारी होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो मेरे मन में था, वो मैंने किया, अब जो कांग्रेस पार्टी को करना है, वो कर लेगी. कांग्रेस पार्टी छोड़ने की बात पर उन्होंने कहा कि आगे का फैसला जनता की राय के हिसाब से किया जाएगा.
वहीं, पुनहाना से कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास की हालिया गतिविधियों से क्षेत्र का सियासी पारा उफान पर है. पहले मुख्यमंत्री नायब सैनी और फिर केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात ने नए समीकरण पैदा कर दिए हैं. चर्चा हैं कि वह अपने बेटे को राजनीति में स्थापित करने की योजना बना रहे हैं और इसके लिए पार्टी बदलने का विकल्प भी खुला रख सकते हैं. हालांकि, अभी तक उनकी ओर से सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है.
मेवात में मजबूत पकड़ की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद बीजेपी ने मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र मेवात में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की तैयारियां शुरू कर दी है. यह भी चर्चा हैं कि जिस निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पक्ष में कांग्रेस विधायकों द्वारा मतदान किया गया है, उसे बीजेपी का समर्थन प्राप्त था.
ऐसे में कांग्रेस विधायकों की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. वहीं, बीजेपी लंबे समय से इस क्षेत्र में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कवायद में जुटी है और अब इस मौके को नए अवसर के रूप में देख रही है.
