चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार प्रदेश के विभिन्न विभागों, बोर्डों एवं निगमों में कार्यरत कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए निरंतर ऐतिहासिक फैसले ले रही हैं. प्रदेश सरकार के यह फ़ैसले इन कर्मचारियों के लिए सामाजिक और आर्थिक रूप से भी मददगार साबित हो रहे हैं.

हरियाणा सरकार ने किया HKRN का गठन
साल 2014 में प्रदेश में पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व वाली प्रदेश की बीजेपी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के हितों में जो फ़ैसले लिए हैं, उनकी चौतरफा प्रशंसा हो रही है. प्रदेश सरकार ने विभिन्न विभागों में अनुबंध आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को ठेकेदारों के शोषण से बचाते हुए हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) का गठन किया.
इसमें इन कर्मचारियों को समायोजित कर न केवल पक्की नौकरी की सुरक्षा दी बल्कि पक्के सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले बेनिफिट्स भी दिए जा रहे हैं.
कर्मचारियों के हितों में लिए गए बड़े फैसले
- ग्रामीण सफाई कर्मियों का वेतन 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 16,000 रुपये किया गया.
- कर्मचारियों का आंशिक दिव्यांगता बीमा कवर 10 गुणा करके, इसे 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया.
- कर्मचारियों की मृत्यु- सह- सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये की गई.
- स्थाई कर्मचारियों की व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा राशि 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई.
- स्थाई कर्मचारियों का परमानेंट टर्म इंश्योरेंस 2 गुणा करके 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 लाख रुपये किया.
- नई एक्स- ग्रेशिया स्कीम के तहत सरकारी कर्मचारी का 52 साल की आयु से पहले निधन होने पर आश्रित को अनुकम्पा आधार पर नौकरी का प्रावधान.
- ऑउटसोर्सिंग नीति के तहत, कार्यरत महिला कर्मचारियों को नियमित महिला कर्मचारियों के समकक्ष मातृत्व अवकाश की सुविधा.
- एडहॉक अनुबंध व DC रेट पर लगे कर्मचारियों की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाने पर उनके परिवार को 3 लाख रुपये की अनुग्रह राशि का प्रावधान.
- दिव्यांग महिला कर्मचारियों को चाइल्ड केयर के लिए 1,500 रुपये प्रति माह प्रति बच्चा विशेष भत्ता.