चंडीगढ़ | हरियाणा में शिक्षा व्यवस्था के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास जारी है. इसी कड़ी में सरकार द्वारा 1 अप्रैल को सरकारी स्कूलों में मेगा PTM का आयोजन किया है और खास बात यह है कि इसमें अभिभावकों को बच्चों के रिपोर्ट कार्ड के साथ- साथ होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (HPC) भी दिया जाएगा. इस कार्ड के माध्यम से बच्चों के संपूर्ण विकास का आकलन लगाना है.
क्या है HPC?
बच्चों में पढ़ाई के साथ- साथ संचार कौशल का होना भी जरूरी होता है. अब HPC के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई के साथ- साथ उनके व्यवहार, मानसिक एवं शारीरिक विकास और स्वास्थ्य गतिविधियों का मूल्यांकन किया जाएगा. इससे बच्चे के माता- पिता को उनकी वास्तविक प्रगति की जानकारी मिलेगी.
इस मेगा PTM में अभिभावकों और और शिक्षकों के बीच सीधी बातचीत होगी. इसमें शिक्षक बच्चों की कमजोरियों और मजबूत पक्ष दोनों के बारे में बात करेंगे. इसके साथ- साथ वे घर पर बच्चों की पढ़ाई और विकास में किस तरह सहायता कर सकते है इसके बारे में भी बताएंगे. अभिभावकों को PTM के दौरान एक गाइडबुक दी जाएगी, इसमें लिखा होगा कि बच्चे की सीखने की प्रक्रिया को कैसे तेज और बेहतर बनाया जा सकता है.
अभिभावकों का फीडबैक भी जरूरी
इस बार शिक्षकों के साथ- साथ अभिभावकों के फीडबैक को जरूरी माना गया है. इसमें PTM को सिर्फ शिक्षकों के लिए ही नहीं अभिभावकों के लिए भी अहम रहेगी. कार्यक्रम की भागदौड़ संभालने के लिए टीचर और अधिकारी दोनों को जिम्मेदारी दी गई है. शिक्षक पहले से बच्चों का मूल्यांकन करके होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार करेंगे और इस दौरान अधिकारी स्कूल का दौरा करेंगे.
इस पहल शिक्षा व्यवस्था प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है. इससे सरकार का उद्देश्य सिर्फ बच्चों को पढ़ाई और रटे लगाकर अंक लाने तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, सोचने- समझने की क्षमता और सामाजिक कौशल में सक्षम बनाना है, जिससे बच्चों के संपूर्ण विकास को बढ़ावा मिले.
