चंडीगढ़ | हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में सफाई व्यवस्था से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई है. यदि किसी गांव में तालाबों में गंदगी पाई गई तो संबंधित अधिकारी, सरपंच और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. प्रत्येक गांव में पंचायत सचिव की जवाबदेही तय की जाएगी, जिन्हें नियमित रूप से तालाबों की निगरानी रखनी होगी.

CM ने दिए कड़े निर्देश
तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में तालाबों और अपशिष्ट जल निकासी व्यवस्था की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए. तालाबों से बदबू नहीं आनी चाहिए और घरों में पानी भरने की स्थिति किसी भी सूरत में नहीं बननी चाहिए. इसके लिए सफाई, गाद निकासी और जल निकास कार्यों को सुनियोजित मानक संचालन प्रणाली के तहत संचालित किया जाए, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित हो.
उन्होंने कहा कि जिन तालाबों का निर्माण, पुनर्निर्माण अथवा आधुनिकीकरण किया जा रहा है, उन्हें बेहतर प्लानिंग, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक डिजाइन के साथ विकसित किया जाए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या का आंकड़ा बढ़ाया जाएगा.
नियमित सफाई पर रहेगा फोकस
CM ने कहा कि तालाबों के आसपास सौंदर्याकरण कार्य भी कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ और सुंदर वातावरण मिले तथा लोग वहां सुबह-शाम भ्रमण कर सकें. सोलर पंपों के माध्यम से पानी की नियमित सफाई और प्रवाह सुनिश्चित किया जाए. बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश के साढ़े 6 हजार से ज्यादा तालाबों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. इसके तहत, तालाबों की सफाई के साथ- साथ किनारे पर ग्रीन बेल्ट क्षेत्र विकसित किया जा रहा है ताकि लोगों को सैर करने के लिए उपयुक्त जगह की सुविधा का लाभ मिल सके.