नई दिल्ली | नेशनल हाइवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है. बता दें कि केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा एक सूचना जारी कर बताया गया है कि आने वाली 10 अप्रैल से किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग टोल बूथ पर टोल टैक्स भुगतान के लिए नकद पैसे नहीं लिए जाएंगे. अब टोल टैक्स भुगतान के लिए डिजिटल माध्यम जैसे Fastag या UPI का ही ऑप्शन रहेगा.

दोगुना जुर्माना पड़ेगा भुगतना
नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने स्पष्ट किया कि जिन गाडियां पर वैध Fastag नहीं होगा, उन्हें रोका तो नहीं जाएगा लेकिन अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना पड़ेगा. ऐसे मामलों में UPI के जरिए टोल टैक्स का भुगतान किया जा सकेगा लेकिन सवा गुणा ज्यादा चार्ज देना होगा. यदि कोई डिजिटल माध्यम से भुगतान करने से मना करता है तो राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 के तहत उस वाहन को प्रवेश से रोका जा सकता है. ऐसे वाहनों को ई- नोटिस जारी होगा और 3 दिन में भुगतान न करने पर जुर्माना राशि दोगुनी हो जाएगी.
I’d कार्ड दिखाकर फ्री टोल का सिस्टम खत्म
सरकारी कार्ड दिखाकर टोल टैक्स से बचने की प्रथा पर सरकार ने स्पष्ट किया कि छूट केवल उन्हीं वाहनों को मिलेगी जिनके पास वैध ‘छूट प्राप्त Fastag’ होगा या जिनके पास वार्षिक पास होगा. व्यक्तिगत यात्रा के दौरान आईडी कार्ड दिखाकर टोल से बचना अब मान्य नहीं होगा.
लंबी कतारों से राहत
NHAI ने बताया कि अब ‘फ्री फ्लो टोलिंग’ सिस्टम लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा हैं जिससे टोल प्लाजा पर रूकने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कैमरा और RFID सिस्टम के जरिए वाहन की पहचान होगी और टोल अपने आप कट जाएगा. इस नए नियम से हाईवे यात्रा तेज, सुविधाजनक और अधिक पारदर्शी बनेगी. सरकार का स्पष्ट संदेश है कि हाईवे पर कैश रखने से काम नहीं चलेगा, डिजिटल भुगतान ही एकमात्र विकल्प होगा.
10 अप्रैल की समय- सीमा कोई तकनीकी छलांग कम बल्कि एक प्रशासनिक लक्ष्मण रेखा ज्यादा है. यदि आप चाहें तो सफर करते समय अपने साथ नकद पैसे रख सकते हैं लेकिन उससे आप टोल प्लाजा क्रॉस नहीं कर पाएंगे. आपको Fastag या UPI का विकल्प अपनाना ही होगा.