चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र 2026- 27 को ध्यान में रखते हुए सरकारी स्कूलों के छात्रों को समय पर पाठ्य- पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए सख्त कदम उठाए है. बता दें कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने अधिकारियों को स्पष्ट आदेश देते हुए कहा है कि कक्षा पहली से 8वीं तक के सभी विद्यार्थियों को 15 अप्रैल तक मुफ्त किताबें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से हो सके.

लगभग 45 करोड़ की राशि स्वीकृत
यह पहल हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा हर साल लागू की जाती है. इसके तहत, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 8वीं तक के विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य- पुस्तकें दी जाती है. इस वर्ष भी इस योजना के अंतर्गत केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा लगभग 45 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृति की गई है, ताकि समय पर किताबों की छपाई और वितरण कार्य पूरा हो सके.
शिक्षा मंत्री ने बताया कि अभी अंबाला, कुरुक्षेत्र, हिसार, पानीपत, पलवल, भिवानी और चरखी दादरी जिलों में पुस्तकें पहुंच चुकी है. इन्हें बच्चों को देने का काम भी शुरू कर दिया गया है.शेष जिलों में 15 अप्रैल तक पुस्तकें पहुंच जाएगी.
सरकार के सख्त आदेश
सरकार ने संबंधित विभागों और एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए है कि निर्धारित समय- सीमा के अंदर सभी विद्यालयों में पाठ्य- पुस्तकें उपलब्ध कराई जाए ताकि वितरण कार्य में देरी न हो. इसके लिए शिक्षा मंत्री का कार्यालय विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए हुए हैं.
सरकार के इस कदम का उद्देश्य बच्चों को समय पर किताबें उपलब्ध कराना है. समय पर किताबें मिलने से छात्रों को पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखने में सहायता मिलेगी और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.