चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार भूमि और राजस्व व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है. बता दें कि राज्य सरकार अगले महीने एक स्वचालित राजस्व प्रणाली शुरु करने जा रही है, जिससे जमीन से जुड़े काम पहले की तुलना में तेज, पारदर्शी और पूरी तरह पेपरलेस हो जाएंगे. यह कदम सरकार ने आम नागरिकों को बेहतर सुविधा देने के लिए उठाया है.

हरियाणा में 1900 पटवारी होंगे तैनात
यह प्रणाली एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म होगी, जिसमें जमीन से जुड़े काम जैसे कई काम एक ही जगह पर होंगे. नए सिस्टम में म्यूटेशन, रजिस्ट्रेशन और रिकॉर्ड मैनेजमेंट जैसे कार्य शामिल है. इससे आम आदमी को बार- बार दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेगे और दस्तावेज भी ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे.
इस नई व्यवस्था को सफल बनाने के लिए लगभग 1900 नए प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम पटवारियों को तैनात किया जाएगा. ये पटवारी जमीन रिकॉर्ड को आधार से जोड़ने, लाल डोरा क्षेत्रों के नक्शे अपडेट करने, आधुनिक तकनीक से जमीन का मापन करने और एग्रीस्टैक के तहत डेटा का सत्यापन जैसे अहम कार्य संभालेंगे.
क्या होंगे फायदे?
सरकार पहले ही जमीन से जुड़े कई रिकॉर्ड को डिजिटल करने की दिशा में काम कर चुकी है. अब तक करीब 3 लाख से अधिक आवेदन प्रोसेस किए जा चुके है, जिसमें 84% को मंजूरी मिली है और अब नई प्रणाली के जरिए पूरे सिस्टम को एकीकृत किया जाएगा. इसमें जमीन के सही माप के लिए रोवर तकनीक का इस्तेमाल होगा. इससे लंबे समय से पड़े मामलों को तय समय सीमा के अंदर निपटाने में मदद मिलेगी.
नई व्यवस्था लागू होने के बाद आम आदमी और किसानों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है. इससे जमीन से जुड़े कार्यों की प्रक्रिया तेज होने के साथ- साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी, जिससे भ्रष्टाचार और गड़बड़ी की गुंजाइश भी कम होगी. नई व्यवस्था के माध्यम से लोग घर बैठे अपने दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे और जमीन से जुड़ी जानकारी आसानी से ऑनलाइन देख सकेंगे.