चंडीगढ़ | हरियाणा में किसानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. पिछले मार्च और अप्रैल महीने में बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से फसलों में हुएं नुकसान को लेकर प्रदेश के 144 गांवों के किसानों ने मुआवजा राशि की मांग की हैं. बता दें कि 16 जिलों से 6821 किसानों ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान का ब्योरा दर्ज कराया है. किसानों की ओर से दर्ज कराए गए ब्योरे में 50108.808 एकड़ फसलों को नुकसान का दावा किया गया है.
सिरसा- करनाल में सबसे ज्यादा नुक़सान
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से फसलों में बरसात और ओलावृष्टि के कारण हुए नुकसान का ब्योरा दर्ज कराने के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया था. अभी तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर सिरसा के 30 और करनाल के 21 गांवों के किसानों ने नुकसान का ब्योरा दर्ज कराया है.
इनके अलावा सोनीपत के 14, कुरुक्षेत्र के 13, पानीपत और हिसार जिलों में 11- 11 गांवों के किसान भी ब्योरा दर्ज करा चुका हैं. फतेहाबाद के 10, यमुनानगर और जींद के 8-b8 गांवों के किसानों ने भी ब्योरा दर्ज कराकर मुआवजा मांगा है.
इस तारीख को मिलेगा मुआवजा
झज्जर के 4, दादरी के 3, हांसी के 2 और भिवानी के एक गांव से किसानों ने नुकसान को लेकर दावा किया है. राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि कि 8 मई को मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा किसानों के बैंक खातों में मुआवजा राशि भेजी जाएगी. मार्च और अप्रैल महीने में बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से प्रदेश के बहुत से इलाकों में फसलों में नुकसान पहुंचा था. किसानों के इस नुकसान की भरपाई के लिए ई- क्षतिपूर्ति पोर्टल पर ब्यौरा मांगा गया था जिसके बाद अब प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा.
