चंडीगढ़| हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. अब इन लोगों को भूमि उपयोग और भवन निर्माण की मंजूरी के लिए सरकारी दफ्तरों की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी. अब स्वप्रमाणन से भवन निर्माण की अनुमति दी जाएगी.

नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने अनियमित विकास नियंत्रण नियमों में संशोधन का ड्राफ्ट जारी करते हुए सेल्फ- सर्टिफिकेशन (स्व- प्रमाणन) की व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है, जिसके अनुसार नियंत्रित क्षेत्रों में भवन निर्माण और भूमि उपयोग अनुमति के लिए लंबी जांच प्रकियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा. आवेदक स्वयं दस्तावेजों को प्रमाणित कर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे.
पारदर्शिता को मिलेगा बढ़ावा
यदि सभी शर्तें पूरी होती है तो अनुमति स्वत मान्य मानी जाएगी. इस नई व्यवस्था से पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा और निर्माण परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी. यदि कोई आवेदनकर्ता तथ्यों को छिपाकर या गलत दस्तावेज देकर मंजूरी हासिल करता है तो अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी.
विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस ड्राफ्ट पर 30 मई तक लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी है. इस बदलाव से रियल एस्टेट डेवलपर्स और आम मकान मालिकों को बड़े स्तर पर राहत पहुंचेगी.
नीलामी प्रक्रिया होगी रद्द
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) की प्रापर्टी की ई- नीलामी के मामले में कम बोलीदाता हुए तो इसे रद्द कर दिया जाएगा. 3 दिन के अंदर आवेदक कोअर्नेस्ट मनी डिपाजिट (EMD) वापस कर दी जाएगी. सभी प्रोपर्टी की नीलामी लाइव होगी. आवासीय और और व्यावसायिक स्थल के लिए कम- से- कम 4, संस्थागत स्थल के लिए न्यूनतम दो और मेजर साइट के लिए न्यूनतम 3 बोलीदाता होने अनिवार्य होंगे.
बोली प्रक्रिया में यदि न्यूनतम EMD प्राप्त नहीं होती है तो संबंधित प्रापर्टी की ई- नीलामी खुद रद्द हो जाएगी. इससे प्रापर्टी की उचित कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी और कम बोलीदाताओं के कारण होने वाले सस्ते सौदों पर रोक लगेगी.