फरीदाबाद | हरियाणा के फरीदाबाद जिले में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाया गया है. बता दें कि फरीदाबाद जिले के धौज गांव स्थित अरावली पहाड़ी क्षेत्र में वन्यजीव निगरानी और शोध केंद्र स्थापित किया जाएगा, जो क्षेत्र में जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने और उनके संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

50 लाख रुपए की लागत होगा तैयार
इस पहल के तहत, केंद्र को अरावली के जंगलों के बीच विकसित किया जाएगा जहां तेंदुए, लकड़बग्घे सहित कई वन्यजीव पाए जाते है. इस योजना के अनुसार, करीब 50 लाख रुपए की लागत से केंद्र बनाए जाने के साथ ही सूरजकुंड से लेकर हरचंदपुर तक यानि 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में लगभग 60 कैमरे लगाए जाएंगे. इससे की आवाजाही, उनकी संख्या और व्यवहार पर कड़ी निगरानी करके डेटा इकट्ठा किया जाएगा.
वन विभाग के अनुसार, यह केंद्र न केवल निगरानी करेगा बल्कि वन्यजीवों के उपचार, रेस्क्यू ऑपरेशन और मानव- वन्यजीव संघर्ष को कम करने में भी मदद करेगा. पिछले कुछ सालों के दौरान अरावली पहाड़ी क्षेत्र में गैर वानिकी कार्यों पर काफी हद तक रोक लगी है. इससे क्षेत्र धीरे- धीरे फिर से वन्यजीवों के अनुकूल बनता जा रहा है, जिससे वन्यजीवों की संख्या बढ़ रही है.
आबादी वाले इलाकों में पहुंच रहे वन्यजीव
तेजी से बढ़ते शहरीकरण और सड़कों के जाल के कारण अरावली क्षेत्र में वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है जिससे जानवर आबादी वाले इलाकों में पहुंच जाते है. ऐसे में यह शोध केंद्र वैज्ञानिक अध्ययन और बेहतर प्रबंधन का आधार बनेगा. इसके माध्यम से कितनी संख्या बढ़ी है, कुछ ऐसे वन्यजीव इलाके में तो नहीं, जिनके बारे में जानकारी ही नहीं, वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों में क्यों पहुंच रहे है, वाहनों की चपेट में क्यों आ रहे है, कही इलाके में तस्कर तो सक्रिय नहीं आदि सवालों का जवाब हासिल करने में मदद मिलेगी.