नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रेलवे ढांचे में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. बता दें कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की तैयारी शुरू हो गई है. इसके तहत बिजवासन रेलवे टर्मिनल को अक्तूबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है. यह नया टर्मिनल राजधानी के मुख्य रेलवे ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा संभालेगा और नई दिल्ली स्टेशन पर पड़ने वाला दबाव कम करेगा.

एयरपोर्ट और मेट्रो से सीधी कनेक्टिविटी
बिजवासन टर्मिनल की सड़क के साथ ही एयरपोर्ट और मेट्रो से बेहतर कनेक्टिविटी रहेगी, जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी. यहां से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट नजदीक है. यह दिल्ली मेट्रो एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और द्वारका सेक्टर 21 मेट्रो स्टेशन के नजदीक होने के कारण यात्रियों को एयरपोर्ट और रेलवे के बीच बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी.
इस टर्मिनल पर 7 प्लेटफॉर्म होंगे और यहां से 50 से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जा सकेगा. इसके साथ ही यहां यात्रियों को एयरपोर्ट की तरह सुविधाएं मिलेगी. यहां यात्रियों की भीड़ को लेकर भी उचित व्यवस्था की गई है. बता दें कि पश्चिम दिशा की आधे से ज्यादा ट्रेनों को इसी टर्मिनल से चलाने की योजना बनाई गई है.
प्लेटफार्म में काम शुरू
रेलवे अधिकारियों के अनुसार अगले 4 से 5 महीने में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य प्लेटफॉर्म पर भी शुरू हो जाएगा. इनमें पहले चरण में 1 से 5 नंबर प्लेटफार्म, दूसरे चरण में 6 से 10 नंबर प्लेटफार्म और अंतिम चरण में 11 से 16 नंबर प्लेटफार्म पर कार्य शुरू किया जाएगा. इन प्लेटफार्म पर कार्य शुरू होने से पहले ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से अन्य स्टेशनों पर शिफ्ट किया जाएगी, इसकी शुरुआत 25 ट्रेनों के स्थानांतरण के साथ की जाएगी.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के बड़े पुनर्विकास कार्य के दौरान वहां से कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से दूसरे स्टेशनों पर शिफ्ट किया जाएगा. इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका बिजवासन टर्मिनल निभाएगा. रेलवे की योजना है कि लगभग 50 ट्रेनों का संचालन यहां से किया जाएगा, ताकि नए दिल्ली स्टेशन पर निर्माण कार्य में बाधा न आए.