चंडीगढ़, Success Story | घर की जिम्मेदारियों के बीच एक महिला ने ऐसी मिसाल पेश की है, जो हर किसी के लिए प्रेरणादायक है. आज हम बात कर रहे है, एक ऐसी महिला की जिसने लोगों के तानों और उम्र को ना देखते हुए अपना रास्ता खुद चुना. यह कहानी है दीपा भाटी की, जो 3 बच्चों की मां है. इन्होंने शादी के 18 साल बाद अपनी मंजिल हासिल की और PCS ऑफिसर बन गई.

बचपन का सपना किया पूरा
दीपा भाटी उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के छोटे से गांव कोंडली बांगर की रहने वाली है. उनकी शुरुआती पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई. उन्होंने केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन और इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. उसकी शादी कम उम्र में हो गई और धीरे- धीरे 3 बच्चों की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर आ गई.
दीपा का सपना बचपन से ही कुछ अलग करने का था, लेकिन बच्चों और परिवार की जिम्मेदारी के कारण उसे पढ़ने का टाइम नहीं मिलता था. बाद में उसने एक प्राइवेट स्कूल में टीचर की नौकरी शुरू की. इस दौरान उनके भाई ने उसे सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने की सलाह दी. यह बात दीपा के मन में बैठ गई और उसने तय किया कि अब अपने सपने को पूरा करना है.
लोगों ने दिए दिमाग खराब और उम्र के ताने
घर के काम, बच्चों की देखभाल और समाज के तानो के बीच तैयारी करना उनके लिए आसान नहीं था. लोग कहते थे, “इस उम्र में तैयारी करेगी” “दिमाग खराब हो गया है क्या” बच्चों से तो एग्जाम पास होते नहीं है, ये कैसे करेगी जैसी बाते भी सुनने को मिली, लेकिन दीपा ने हार नहीं मानी. वह दिन घर काम संभालती और रात में पढ़ाई करती थी. उन्होंने बिना कोचिंग के पहले NCERT और फिर स्टैंडर्ड किताबों से तैयारी की.
पहले के प्रयासों में असफलता के बाद उन्होंने UPPCS 2021 परीक्षा में 166वीं रैंक हासिल की. उस समय उनकी उम्र करीब 40 साल थी और शादी को 18 साल हो चुके थे. उनकी बड़ी बेटी 12वीं में पढ़ रही थी. 3 बच्चों की मां होने के बावजूद उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर इरादा मजबूत हो तो उम्र और परिस्थितियां सफलता के रास्ते में रुकावट नहीं बन सकती.