गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम इलाके में साफ – सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए अहम कदम उठाया गया है. बता दें कि नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था बेहतर करने के लिए लगभग 600 करोड़ रूपए के दो बड़े टेंडर जारी किए है. इसके तहत अगले 5 वर्षों तक घर- घर जाकर कूड़ा संग्रहण किया जाएगा और कचरे की प्रोसेसिंग व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित किया जाएगा. इसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जून में टेंडर आंवटित किए जाएंगे.

5 साल के लिए लागू
इस योजना के तहत, पूरे शहर के चारों जोन को 2 अलग-अलग क्लस्टरों में बांटा जाएगा. जोन 1 और 2 के कलस्टर के लिए 4 एजेंसियों ने और जोन 3 और 4 के लिए दो एजेंसियों ने आवेदन किया है. इसका उद्देश्य कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सफाई स्तर को बेहतर बनाना है. यह पूरी व्यवस्था पूरे 5 साल के लिए लागू होगी.
नई व्यवस्था के अंतर्गत कचरे को इस तरह वैज्ञानिक तकनीक की मदद से संभाला और खत्म किया जाएगा, जिससे पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचे. नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल कचरे का बेहतर प्रबंध होगा, बल्कि शहर में गंदगी और प्रदूषण कम होगा. ये काम स्थायी एजेंसियो को सौंपने के बाद अस्थायी टेंडर, कम संसाधन और कूड़ा उठान नहीं होने की शिकायत खत्म होने की संभावना है.
वर्तमान व्यवस्था रही असफल
वर्तमान में डोर- टू- डोर कनेक्शन पूरी तरह व्यवस्थित नहीं है और यह व्यवस्था अस्थायी टेंडरों के माध्यम से संचालित है. फिलहाल गुरुग्राम में 6 एजेंसियों के पास कचरा उठान की जिम्मेदारी है, लेकिन बावजूद इसके शहर में 100% कचरा कलेक्शन नहीं हो पा रहा है. इसका विपरीत प्रभाव ये होता है कि लोग घरों के बाहर और सड़कों पर कूड़ा फेंक देते है, जिससे शहर की साफ-सफाई प्रभावित होती है. नई व्यवस्था के लागू होने के बाद घर- घर से नियमित कचरा उठान की उम्मीदें है. इसके तहत गीले और सूखा कचरे को अलग -अलग एकत्रित करने पर जोर दिया जाएगा, जिससे सफाई व्यवस्था बेहतर होगी.