नई दिल्ली | रेलवे बोर्ड ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने वाले रेल कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत देते हुए पेंशन से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है. नए आदेश के अनुसार, अब अनुकंपा नियुक्ति के लिए जमा किए गए पहले आवेदन की तारीख को ही भर्ती प्रक्रिया की मुख्य तिथि माना जाएगा. इस फैसले से उन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सकेगा जिनके आवेदन 31 दिसंबर 2003 या उससे पहले जमा हुए थे भले ही उनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2004 के बाद हुई हो. अब तक ऐसे कई मामलों में कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा था.

अनुकंपा नियुक्तियों के लिए सामान्य भर्ती की तरह कोई विज्ञापन या अधिसूचना जारी नहीं होती थी. इसी वजह से भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत की तारीख स्पष्ट नहीं मानी जाती थी और कई मामलों में तकनीकी कारणों से कर्मचारियों को नई पेंशन व्यवस्था के दायरे में रखा गया.
रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला
अनुकंपा नियुक्ति के लिए आश्रित द्वारा जमा किया गया पहला आवेदन ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की आधिकारिक तिथि मानी जाएगी. यदि यह आवेदन 31 दिसंबर 2003 या उससे पहले दिया गया था तो संबंधित कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के पात्र होंगे, चाहे उनकी नियुक्ति बाद में हुई हो. रेलवे बोर्ड के उप निदेशक (वित्त) रमेश चंद्र पांडेय ने 24 जून को इस संबंध में आदेश जारी किया है. सभी रेलवे जोन, उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधकों और मुख्य वित्तीय सलाहकारों को निर्देश दिए गए हैं कि इस फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए.
इन्हें मिलेगी पेंशन
इस निर्णय से उन परिवारों को सबसे अधिक राहत मिलेगी, जिनके मामले वर्षों से केवल आवेदन और नियुक्ति की तारीखों के अंतर के कारण अटके हुए थे. अब ऐसे मामलों में पुरानी पेंशन का रास्ता साफ हो जाएगा और पात्र कर्मचारियों को उनका अधिकार मिल सकेगा. वहीं, रेलवे कर्मचारी संगठनों ने बोर्ड के इस फैसले का स्वागत किया है. बता दें कि लंबे समय से इस विषय पर स्पष्ट नीति की मांग की जा रही थी जोकि आज पूरी हो चुकी है.
इस आदेश के दायरे में आने वाले सभी पात्र कर्मचारियों को रेलवे सेवा पेंशन नियम- 2026 के तहत कवर किया जाएगा. इससे अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े कई पुराने विवाद भी समाप्त होने की उम्मीद है- शशिकांत त्रिपाठी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, इंडियन रेलवे