चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए अवकाश यात्रा रियायत (LTC) से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है. अब एलटीसी बिलों के निपटान के लिए कर्मचारियों को मुख्यालय की मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. सरकार ने विभागाध्यक्षों (HODs) को ई-बिलिंग सिस्टम में सीधे संशोधन करने का अधिकार दे दिया है, जिससे लंबे समय से लंबित मामलों का तेजी से समाधान हो सकेगा.

प्रदेश सरकार के इस फैसले के बाद उन कर्मचारियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा, जिनके एलटीसी बिल केवल गलत ब्लॉक ईयर दर्ज होने के कारण अटक गए थे या ई- बिलिंग सिस्टम में जनरेट नहीं हो पा रहे थे.
सरकारी कर्मचारियों को राहत
अब विभागीय स्तर पर ही इन तकनीकी त्रुटियों को ठीक किया जा सकेगा जिससे कर्मचारियों को बार- बार मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. ट्रेजरी एवं अकाउंट्स विभाग की ओर से जारी नए आदेश के अनुसार, सभी विभागाध्यक्ष संबंधित मामलों की जांच करेंगे और सरकारी नियमों एवं दिशा- निर्देशों के अनुसार ई- बिलिंग सिस्टम में आवश्यक संशोधन करेंगे. इससे एलटीसी दावों के निपटान की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और सरल हो जाएगी.
LTC बिलों के बदले नियम
यह सुविधा केवल उन्हीं मामलों में लागू होगी, जहां गलत एलटीसी ब्लॉक ईयर दर्ज होने के कारण अगला एलटीसी बिल जनरेट नहीं हो पा रहा है. विभागाध्यक्षों को प्रत्येक मामले का सावधानीपूर्वक सत्यापन करने के बाद ही संशोधन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे. इस नए फैसले से एलटीसी बिलों में आने वाली तकनीकी बाधाएं दूर होंगी, लंबित मामलों का जल्द निपटारा होगा और कर्मचारियों को समय पर अपने दावों का लाभ मिल सकेगा. साथ ही, मुख्यालय पर प्रशासनिक बोझ भी कम होगा और विभागीय स्तर पर जवाबदेही तथा कार्यकुशलता में बढ़ोतरी होगी.