गुरुग्राम | शहर में सीवेज शोधन क्षमता बढ़ाने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) बड़ा कदम उठाने जा रहा है. जीएमडीए 15 जुलाई तक बहरामपुर और सेक्टर- 107 में प्रस्तावित 100-100 एमएलडी क्षमता वाले दो नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के टेंडर जारी करेगा. मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने अधिकारियों को सभी विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर और तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की नियमित निगरानी की जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए.

बैठक में सेक्टर- 77 से 80 तथा सेक्टर- 103 से 115 तक विकसित की जा रही सीवरेज अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर- 77 से 80 में सीवर लाइन बिछाने का कार्य आवंटन प्रक्रिया में है जबकि सेक्टर- 103 से 115 तक सीवरेज नेटवर्क का निर्माण तेजी से चल रहा है.
गुरुग्राम में बनेंगे 2 STP
शहर की सीवेज शोधन क्षमता बढ़ाने के लिए नौरंगपुर में 40 एमएलडी और धनवापुर में 100 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी के टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं. वहीं, बहरामपुर और सेक्टर- 107 में 100- 100 एमएलडी क्षमता वाले नए एसटीपी के टेंडर 15 जुलाई तक जारी कर दिए जाएंगे. वर्तमान में गुरुग्राम में 433 एमएलडी क्षमता के सात एसटीपी संचालित हैं. नई परियोजनाएं पूरी होने के बाद शहर की कुल सीवेज शोधन क्षमता बढ़कर 773 एमएलडी हो जाएगी.
सीवेज व्यवस्था होगी मजबूत
बैठक में सेक्टर- 102 स्थित श्री माता शीतला देवी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परियोजना की भी समीक्षा की गई. करीब 679 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस परियोजना में 150 सीटों वाला मेडिकल कॉलेज और 883 बेड का अस्पताल बनाया जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल से जुड़े गैर-चिकित्सा और आईटी संबंधी कार्य अक्टूबर के अंत तक पूरे कर लिए जाएंगे. परियोजना के संचालन और रखरखाव के लिए पीपीपी मॉडल के तहत निविदाएं भी आमंत्रित की जा चुकी हैं. सीईओ ने कहा कि अस्पताल शुरू होने के बाद शहरवासियों को बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी.
अक्टूबर तक पूरा होगा काम
पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि चंदू बुढ़ेड़ा जल शोधन संयंत्र की 100 एमएलडी क्षमता वाली यूनिट- 4 का संचालन शुरू हो चुका है, जिससे जीएमडीए की कुल जल शोधन एवं आपूर्ति क्षमता बढ़कर 670 एमएलडी हो गई है. वहीं, 100 एमएलडी क्षमता वाली यूनिट- 5 का निर्माण अंतिम चरण में है और इसे जल्द शुरू किया जाएगा. सेक्टर- 53 स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क में 5.31 करोड़ रुपये की लागत से सार्वजनिक पुस्तकालय विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई.
परियोजना के लिए टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं और आवंटन प्रक्रिया जारी है. अधिकारियों का कहना है कि पुस्तकालय बनने से शहर की सामाजिक अवसंरचना को मजबूती मिलेगी और नागरिकों को अध्ययन तथा सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध होगा.