चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने लाखों सरकारी कर्मचारियों को राहत देते हुए लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC) से जुड़े मामलों में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है. अब एलटीसी ब्लॉक ईयर में हुई तकनीकी त्रुटियों को ठीक कराने के लिए कर्मचारियों को मुख्यालय की मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. ट्रेजरी एवं अकाउंट्स विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों (HODs) को ई-बिलिंग सिस्टम में सीधे संशोधन करने का अधिकार दे दिया है.

सरकार के इस फैसले से उन कर्मचारियों को सबसे अधिक फायदा होगा जिनके एलटीसी बिल केवल गलत ब्लॉक ईयर दर्ज होने के कारण लंबित थे या सिस्टम में जनरेट नहीं हो पा रहे थे. अब विभागीय स्तर पर ही इन त्रुटियों को ठीक किया जा सकेगा जिससे कर्मचारियों के दावों का निपटारा पहले की तुलना में तेजी से होगा.
हरियाणा के लाखों कर्मचारियों को राहत
वित्त विभाग के अंतर्गत, ट्रेजरी एवं अकाउंट्स विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि एलटीसी ब्लॉक ईयर में संशोधन के लिए बड़ी संख्या में आवेदन और पत्र सीधे मुख्यालय भेजे जा रहे थे. इनमें सबसे अधिक मामले शिक्षा विभाग से संबंधित थे. कई आवेदन निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना और अधूरी जानकारी के साथ भेजे जा रहे थे जिससे फाइलों के निपटान में देरी हो रही थी और मुख्यालय पर अनावश्यक प्रशासनिक बोझ बढ़ रहा था. इसी स्थिति को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी ने यह अधिकार विभागाध्यक्षों को सौंपने का फैसला किया है.
सरकार का बड़ा बदलाव
नए आदेश के अनुसार, अब संबंधित विभागाध्यक्ष प्रत्येक मामले की जांच करेंगे. सरकारी नियमों एवं दिशा- निर्देशों के अनुसार ई- बिलिंग सिस्टम में आवश्यक संशोधन करेंगे. इससे कर्मचारियों को बार- बार विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और अधिकतर मामलों का समाधान विभागीय स्तर पर ही हो जाएगा. सरकार ने इस व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी है. यह सुविधा केवल उन्हीं मामलों में लागू होगी जहां गलत एलटीसी ब्लॉक ईयर दर्ज होने के कारण अगला एलटीसी बिल जनरेट नहीं हो पा रहा है. विभागाध्यक्षों को प्रत्येक मामले का सावधानीपूर्वक सत्यापन करने के बाद ही संशोधन करने के निर्देश दिए गए हैं.
इस फैसले से एलटीसी बिलों में आने वाली तकनीकी बाधाएं दूर होंगी, लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा और मुख्यालय पर निर्भरता भी कम होगी. साथ ही, कर्मचारियों और अधिकारियों दोनों का समय बचेगा तथा विभागीय स्तर पर जवाबदेही और कार्यक्षमता में भी बढ़ोतरी होगी.