गुरुग्राम | हरियाणा के गुरुग्राम की न्यायिक व्यवस्था के लिए आज ऐतिहासिक दिन है. अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित टावर ऑफ जस्टिस का लोकार्पण आज भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत शर्मा करेंगे. इस नए न्यायिक परिसर के शुरू होने से जिला अदालतों को आधुनिक और तकनीक आधारित सुविधाएं मिलेंगी, जिससे न्यायिक कार्यवाही अधिक सुगम, सुरक्षित और प्रभावी हो सकेगी.

लोकार्पण समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ न्यायाधीश और गणमान्य अतिथि मौजूद रहेंगे.
आधुनिक न्यायिक सुविधाएं
टावर ऑफ जस्टिस में कुल 56 न्यायालय स्थापित किए गए हैं. इसके अलावा अत्याधुनिक न्यायिक सेवा केंद्र, सम्मेलन कक्ष, वादकारियों के लिए प्रतीक्षा क्षेत्र, महिला एवं पुरुष लॉक- अप, सर्वर रूम, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, क्रेच तथा मातृ एवं शिशु देखभाल कक्ष जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं. नए परिसर में एस्केलेटर ब्लॉक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क, हाई- स्पीड LAN सिस्टम और निर्बाध बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की गई है. इन सुविधाओं से न्यायिक कार्यवाही अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और डिजिटल रूप से सक्षम होगी.
गुरुग्राम बनेगा न्यायिक इतिहास के एक नए स्वर्णिम अध्याय का साक्षी बनेगा। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत शर्मा अत्याधुनिक ‘टावर ऑफ जस्टिस’ का लोकार्पण करेंगे।
सीएम श्री नायब सिंह सैनी सहित अन्य विशिष्टजन भी करेंगे भागीदारी#TowerOfJustice #Gurugram #Justice #Haryana pic.twitter.com/cRzUkEoxw4— DIPRO Gurugram (@diprogurugram1) July 11, 2026
530 वाहनों की पार्किं
परिसर में कुल 530 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जिसमें मुख्य भवन में 130 और मल्टीलेवल बेसमेंट पार्किंग में 400 वाहनों के लिए स्थान उपलब्ध है. इसके अलावा अधिवक्ताओं के लिए बार रूम, बार लाइब्रेरी, कैंटीन, सार्वजनिक भोजनालय, न्यायाधीशों के लिए डाइनिंग एरिया, जिम, कॉपीिंग एजेंसी और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं भी विकसित की गई हैं. गुरुग्राम के उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा कि यह परियोजना केवल एक नया भवन नहीं, बल्कि नागरिकों को बेहतर और आधुनिक न्यायिक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम है.