पलवल | पवित्र सावन मास में होने वाली कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पलवल जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है. जिला उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने धारा- 163 के तहत आदेश जारी करते हुए कांवड़ शिविरों को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं. जारी आदेश के मुताबिक, 30 जुलाई से लेकर 11 अगस्त की रात्रि जलाभिषेक तक बिना संबंधित उपमंडल अधिकारी की अनुमति के जिले में कोई भी व्यक्ति, संस्था या संगठन कांवड़ शिविर नहीं लगा सकेगा.

डीसी छिल्लर ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं का पलवल जिले से गुजरना तय है, इसी वजह से किसी भी तरह की अप्रिय घटना या अव्यवस्था से बचने के लिए यह फैसला लिया गया है.
जलाभिषेक तक लागू
शिविर लगाने के इच्छुक लोगों को पलवल, होडल और हथीन के संबंधित उपमंडल अधिकारी नागरिक से पहले अनुमति लेनी होगी. शिविर सिर्फ दिल्ली- मथुरा राष्ट्रीय राजमार्ग के बाईं ओर मथुरा की दिशा में मुख्य सड़क से करीब 100 फीट की दूरी पर ही लगाए जा सकेंगे. 2 शिविरों के बीच कम से कम 2 किलोमीटर का फासला बनाए रखना भी अनिवार्य होगा. ये पाबंदियां 30 जुलाई से 11 अगस्त की रात्रि जलाभिषेक तक लागू रहेंगी. आपात स्थिति और समय की कमी को देखते हुए यह आदेश जनहित में तुरंत प्रभाव से जारी किए गए हैं. इन आदेशों की जानकारी मुनादी के जरिए और नोटिस बोर्ड सहित अन्य माध्यमों से भी आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी.
वेबसाइट पर अपलोड
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी को यह निर्देश दिया गया है कि इन आदेशों को जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाए. वहीं पुलिस अधीक्षक पलवल को इन नियमों का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. डीसी छिल्लर ने सभी सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ-साथ आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें.