ज्योतिष डेस्क | बच्चों का स्वभाव बेहद चंचल होता है और जरा सी बात पर उनका ध्यान पढ़ाई से भटककर कहीं और चला जाता है. ऐसे में वास्तु शास्त्र में इससे जुड़े कई उपाय बताए गए हैं, जिनकी मदद से बच्चों की एकाग्रता को बढ़ाया जा सकता है. इन्हीं उपायों में से एक है स्टडी टेबल पर फिटकरी का एक टुकड़ा रखना, जो जितना आसान है उतना ही असरदार भी माना जाता है. आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार फिटकरी को किस दिशा में रखना चाहिए और इसके क्या फायदे होते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, फिटकरी को स्टडी टेबल पर हमेशा दक्षिण- पश्चिम दिशा के किसी कोने में रखना उचित माना जाता है.

ऐसा करने से आसपास मौजूद नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और बच्चों का मन पढ़ाई से बार- बार नहीं भटकता. इतना ही नहीं, इससे बच्चों को अपने पाठों का अभ्यास करने और उन्हें लंबे समय तक याद रखने में भी मदद मिलती है, ऐसा माना जाता है.
रखने का सही तरीका
फिटकरी को रखने का सही तरीका भी वास्तु में बताया गया है. इसे किसी साफ और काले रंग की कटोरी में रखा जा सकता है, या फिर लाल अथवा सफेद कपड़े में बांधकर भी रखा जा सकता है. इसे कपड़े में बांधकर सामने रखा जा सकता है या ड्रॉअर में भी रखकर इसका लाभ लिया जा सकता है लेकिन अगर मकसद बच्चे का पढ़ाई में मन लगाना है, तो इसे टेबल के ऊपर ही रखना बेहतर बताया गया है, ताकि बच्चे की नजर बार- बार उस पर पड़ती रहे. फिटकरी को कब बदलना चाहिए, इसे लेकर भी नियम बताए गए हैं. सामान्य तौर पर हर 15 से 30 दिन में फिटकरी बदल देनी चाहिए और पुरानी फिटकरी को पानी में घोलकर बहते पानी में प्रवाहित कर देना चाहिए.
इस दिशा में रखें फिटकरी
अगर इससे पहले ही फिटकरी का रंग या आकार बदलने लगे, तो इसे तुरंत बदल देना चाहिए क्योंकि यह संकेत माना जाता है कि फिटकरी नकारात्मक ऊर्जा सोख चुकी है. ऐसी फिटकरी को बच्चों की स्टडी टेबल पर रखना उचित नहीं माना जाता. मान्यताओं के अनुसार, फिटकरी से निकलने वाली सकारात्मक ऊर्जा बच्चों की एकाग्रता बढ़ाने में मदद करती है, जिससे उनका ध्यान पढ़ाई में ज्यादा टिकता है. यह उनकी याददाश्त को भी मजबूत बनाती है, जिससे पढ़ाई में सुधार आता है और परीक्षा परिणाम भी बेहतर होते हैं. बच्चों की स्टडी टेबल पर फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा जरूर रखना चाहिए, ताकि उनके ज्ञान में वृद्धि हो और पढ़ाई में उनका मन लगा रहे.
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