नई दिल्ली | कालकाजी की दूसरी लेन और मोदी मिल फ्लाईओवर तक इसके एक्सटेंशन का काम शुरू होने के बाद दक्षिणी दिल्ली में ट्रैफिक की समस्या बढ़ गई है. करीब एक पखवाड़े पहले शुरू हुए निर्माण कार्य के चलते आउटर रिंग रोड पर बैरिकेडिंग की गई है, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई है. सुबह और शाम ट्रैफिक दबाव के साथ गलत दिशा में चलने वाले वाहनों के कारण जाम की स्थिति बन रही है. ओखला फेज- 3 समेत एयरपोर्ट की ओर जाने वाले लोगों को भीषण जाम का सामना करना पड़ रहा है.

निर्माण कार्य पूरा होने में करीब तीन साल लगने का अनुमान है, ऐसे में इस दौरान यातायात पर असर रहने की संभावना है. हालांकि ट्रैफिक पुलिस जाम वाले प्वाइंट पर पुलिसकर्मियों की तैनाती और व्यावसायिक वाहनों को डायवर्ट करने के विकल्प पर विचार कर रही है.
पुलिस की होगी तैनाती
आउटर रिंग रोड पर करीब 100 मीटर तक डिवाइडर के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर पिलर के लिए खोदाई चल रही है. इससे सड़क संकरी हो गई है. इसके अलावा दोनों तरफ वाहन चार्जिंग और बैटरी स्वाइपिंग प्वाइंट भी हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है. मोदी मिल फ्लाईओवर से उतरने के बाद कई वाहन चालक ओखला फेज-3 जाने के लिए गलत दिशा में मुड़ जाते हैं. फ्लाईओवर के नीचे बने यूटर्न पर भी ओखला मंडी जाने वाले कुछ वाहन चालक गलत दिशा में चलते हैं. ऐसे करीब 3- 4 प्वाइंट हैं जहां ट्रैफिक पुलिस की तैनाती से जाम में राहत मिलने की उम्मीद है.
रफ्तार होगी कम
दक्षिणी दिल्ली रेंज के पुलिस उपायुक्त यातायात संदीप गुप्ता के अनुसार, एमबी रोड के अलावा खानपुर से मूलचंद मार्ग पर भी मेट्रो का काम चल रहा है. इन मार्गों पर पहले से ही सड़कें संकरी हैं. ऐसे में व्यावसायिक वाहनों को डायवर्ट करने से स्थिति और खराब हो सकती है. उन्होंने कहा कि गलत दिशा में चलने वाले वाहनों पर सख्ती और जाम वाले स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती से यातायात को काफी हद तक सुचारू रखा जा सकेगा. लोगों की सुविधा के लिए एक-दो दिन में पुलिसकर्मियों की तैनाती किए जाने की संभावना है.
काम भी जल्द
आउटर रिंग रोड पर कालकाजी फ्लाईओवर के बाद सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर की दूसरी लेन का काम भी जल्द शुरू होने वाला है. करीब 412 करोड़ रुपये की दोनों परियोजनाएं दक्षिणी दिल्ली में ट्रैफिक समस्या कम करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं. सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर के पास ग्रेटर कैलाश मेट्रो स्टेशन की खाली जमीन को घेरा जा रहा है. यहां निर्माण सामग्री भी पहुंचने लगी है.