सोनीपत के 1329 किसानों की नजर 21 अगस्त के ड्रा पर, 212 को मिलेंगे सुपर सीडर- बेलर

सोनीपत | हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत किसानों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे. इनमें सुपर सीडर और बेलिंग मशीन जैसे कृषि यंत्र शामिल हैं. इन यंत्रों के लिए किसानों ने विभागीय पोर्टल पर 3 अगस्त 2026 तक आवेदन किए थे. उपायुक्त नेहा सिंह ने बताया कि योजना के तहत मिले आवेदनों के आधार पर कृषि यंत्रों के लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए हैं.

Crop Calendaring Farming Kisan

सुपर सीडर और बेलिंग मशीन के लिए पात्र किसानों का चयन ऑनलाइन ड्रा के माध्यम से किया जाएगा. यह ड्रा 21 अगस्त 2026 को दोपहर 1 बजे लघु सचिवालय के तृतीय तल पर उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला कार्यकारी कमेटी द्वारा किया जाएगा.

मिलेंगे कृषि यंत्र

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. वीरेंद्र आर्य ने बताया कि जिले में 16 प्रकार के कृषि यंत्रों के लिए कुल 1329 किसानों ने आवेदन किया है. विभाग ने सोनीपत जिले के लिए 206 सुपर सीडर और 6 बेलर मशीनों का लक्ष्य निर्धारित किया है. इस तरह कुल 212 किसानों को सुपर सीडर और बेलर मशीन का लाभ मिलेगा. उन्होंने बताया कि सुपर सीडर और बेलिंग मशीन के लिए पात्र किसानों का चयन ऑनलाइन ड्रा से होगा. अन्य 14 प्रकार के कृषि यंत्रों के लिए किसानों के दस्तावेजों की जांच और सत्यापन किया जाएगा. इसके बाद निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

यह भी पढ़े -  घर के पास मिलेगी कानून की जानकारी, सोनीपत में शुरू हुआ यह अभियान

किसानों को प्राथमिकता

डॉ. वीरेंद्र आर्य ने बताया कि योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के सभी पात्र किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी. दस्तावेज पूर्ण और सही पाए जाने पर ऐसे किसानों का चयन किया जाएगा. इसके अलावा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 30 प्रतिशत किसानों की प्रतीक्षा सूची भी तैयार की जाएगी. चयनित किसान द्वारा प्रक्रिया पूरी नहीं करने की स्थिति में प्रतीक्षा सूची के पात्र किसान को मौका मिलेगा.

पराली प्रबंधन को मिलेगा बढ़ावा

सहायक कृषि अभियंता नवीन हुड्डा ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन योजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध करवाकर पराली और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन को बढ़ावा देना है. सुपर सीडर जैसे यंत्रों से किसान फसल अवशेषों को खेत में ही प्रबंधित कर अगली फसल की बुवाई कर सकते हैं. इससे पराली जलाने की जरूरत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी. कृषि विभाग ने किसानों से 21 अगस्त को होने वाले ऑनलाइन ड्रा और आगे की चयन प्रक्रिया से संबंधित दिशा-निर्देशों पर ध्यान देने की अपील की है.

Avatar of Sanjukta Pandit
Sanjukta Pandit
View all posts

मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.