महिला शक्ति से मजबूत होगी हरियाणा की खेती, मिट्टी जांच से घटेगी किसानों की लागत

चंडीगढ़ | हरियाणा में खेती को अधिक वैज्ञानिक और लागत प्रभावी बनाने के साथ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में नई पहल की जा रही है. अब गांव- गांव जाकर खेतों की मिट्टी के नमूने लेने का काम किसान सहायक दीदी करेंगी. इससे किसानों को उनकी जमीन की गुणवत्ता के आधार पर खेती और उर्वरक इस्तेमाल को लेकर वैज्ञानिक सलाह मिल सकेगी. इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को मिट्टी की वास्तविक स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराना है.

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किसान सहायक दीदी खेतों से मिट्टी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजेंगी. जांच के बाद मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर किसानों को बताया जाएगा कि उनकी जमीन में किन पोषक तत्वों की कमी है और फसल के लिए किस तरह के उर्वरक की जरूरत है.

इस्तेमाल पर जोर

कृषि में कई बार किसान जरूरत से अधिक उर्वरकों का इस्तेमाल कर देते हैं. इससे खेती की लागत बढ़ने के साथ मिट्टी की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है. मिट्टी की जांच के आधार पर वैज्ञानिक सलाह मिलने से किसान जरूरत के मुताबिक ही उर्वरक का इस्तेमाल कर सकेंगे. इससे संतुलित उर्वरक इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा और खेती की लागत घटाने में मदद मिलेगी. साथ ही, मिट्टी की सेहत बनाए रखने में भी यह पहल उपयोगी साबित हो सकती है.

रोजगार के नए अवसर

इस योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना भी है. किसान सहायक दीदी के रूप में महिलाएं गांवों में किसानों के साथ सीधे जुड़ेंगी और मिट्टी के नमूने लेने समेत कृषि संबंधी गतिविधियों में सहयोग करेंगी. इससे महिलाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर बनेंगे. ग्रामीण क्षेत्रों में महिला शक्ति की भागीदारी बढ़ने से कृषि व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

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Sanjukta Pandit
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.