नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली की पहचान अब केवल दिन के समय चलने वाले दफ्तरों और बाजारों तक सीमित नहीं रहेगी. दिल्ली के मास्टर प्लान (एमपीडी-2047) के तहत राजधानी को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ’24- अवर सिटी’ बनाने की योजना तैयार की गई है. इसके तहत 24 घंटे चलने वाली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ देर रात तक व्यापार, मनोरंजन और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार किया जाएगा.

मास्टर प्लान के तहत चुनिंदा कमर्शियल कॉरिडोर को एरोसिटी की तर्ज पर विकसित करने का प्रस्ताव है. यहां पांच सितारा होटल, सर्विस अपार्टमेंट्स, विश्वस्तरीय रेस्तरां और देर रात तक संचालित होने वाले क्लब एक ही परिसर में उपलब्ध होंगे.
बढ़ी सीमा
होटल और सर्विस अपार्टमेंट्स के लिए ग्राउंड कवरेज की सीमा बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है. इसका उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करना है, जहां स्थानीय नागरिकों के साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भी बेहतर सुविधा मिल सके. खेल परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी नियमों में बदलाव किया गया है. अब स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के 25 प्रतिशत हिस्से का व्यावसायिक उपयोग किया जा सकेगा.
इस जगह पर सदस्यों और आम लोगों के लिए क्लब, फाइन-डाइनिंग रेस्तरां और कैफे खोले जा सकेंगे. इससे खेल परिसर खेल गतिविधियों के साथ मनोरंजन के केंद्र के रूप में भी विकसित हो सकेंगे.
बनेगा नाइटलाइफ सर्किट
नाइट- टाइम इकोनामी को केवल बड़े होटलों और क्लबों तक सीमित नहीं रखा जाएगा. इसके लिए होटल, स्थानीय कलाकार, स्ट्रीट वेंडर, हस्तशिल्प और लोकल फूड को जोड़कर पूरा ‘नाइटलाइफ सर्किट’ विकसित करने की योजना है. दिल्ली के पुराने और ऐतिहासिक बाजारों को सांस्कृतिक प्रिसिंक्ट के रूप में विकसित किया जाएगा. इससे विरासत और आधुनिक नाइटलाइफ का संगम देखने को मिलेगा. साथ ही होटल, ट्रांसपोर्ट, फूड डिलीवरी और सुरक्षा क्षेत्र में देर रात की शिफ्ट वाली नौकरियों के अवसर बढ़ सकते हैं. मास्टर प्लान 2047 में लंदन और न्यूयार्क जैसे वैश्विक शहरों की तर्ज पर दिल्ली की रात्रिकालीन अर्थव्यवस्था को विकसित करने की योजना है.
मुख्य बातें
- चुनिंदा कमर्शियल क्षेत्रों में 24 घंटे दुकान, रेस्तरां और मनोरंजन केंद्र चलाने की अनुमति.
- खेल परिसरों के 25 प्रतिशत हिस्से में क्लब और फाइन- डाइनिंग कैफे विकसित करने की छूट.
- होटल और सर्विस अपार्टमेंट के लिए ग्राउंड कवरेज सीमा 50 प्रतिशत.
- होटल, पब, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्थानीय कलाकार और स्ट्रीट वेंडरों को जोड़ने की योजना.
- सीसीटीवी निगरानी, रोशन सड़कें और आनंद विहार, कश्मीरी गेट व सराय काले खां जैसे मल्टी- मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के जरिए रात में आवाजाही आसान
बनाने पर जोर.