नई दिल्ली | हरिद्वार में आयोजित मुल्तान सावन जोत महोत्सव के दौरान कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान ने विभिन्न आश्रमों और धर्मशालाओं में पहुंचकर धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं और आयोजन से जुड़े लोगों से मुलाकात की और मुल्तान सावन जोत की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा के महत्व पर चर्चा की. कमल दिवान ने कहा कि मुल्तान सावन जोत पाकिस्तान के मुल्तान शहर से जुड़ी पुरानी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा है.

सावन माह में पवित्र ज्योत प्रज्वलित कर उसे हरिद्वार में गंगा में समर्पित करने की परंपरा निभाई जाती है. उन्होंने कहा कि देश के विभाजन के बाद भारत आए मुल्तानी परिवारों ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहे.
पहुंचे कमल दिवान
कमल दिवान ने सप्त सरोवर मार्ग स्थित पवन धाम आश्रम में सियाराम अंतिल के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इसके बाद वह रामपुरा फूल धर्मशाला, पुराना ऋषिकेश रोड, भूपतवाला में भारत भूषण के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे. उन्होंने सुखी नदी के पास शंकरपुरी आश्रम में दिलबाग और सतपाल के नेतृत्व में हुए ज्योत कार्यक्रम में भी सहभागिता की.
आनंद आश्रम में स्वामी विवेकानंद और महंत प्रेमानंद से मुलाकात की. कमल दिवान लखनऊ धर्मशाला, श्री स्वामी जगन्नाथ धाम ट्रस्ट भीमगोड़ा और श्री आनंद आश्रम भूपतवाला में आयोजित ज्योत कार्यक्रमों में भी शामिल हुए.
पहुंचें पुरानी परंपराएं
कमल दिवान ने कहा कि इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन लोगों को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं. उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज की नई पीढ़ी तक पुरानी परंपराओं को पहुंचाना जरूरी है. कार्यक्रमों के दौरान आयोजकों और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया. इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष ग्रामीण संजीव दहिया, जयवीर आंतिल, अमित भारद्वाज, नीटू दहिया, पायल मलिक सहित अन्य कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे.