नूंह | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नूंह दौरे से पहले कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ गया है. मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले पुलिस ने युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुबीन तेडिया समेत कई कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया. इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है. नूंह विधायक और कांग्रेस दल के उपनेता चौधरी आफताब अहमद ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए. साथ ही उन्होंने लिखा कि जब जब मुख्यमंत्री डरता है, पुलिस को आगे करता है. युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुबीन खान को हाउस अरेस्ट करना निंदनीय है.
CM नायब सिंह सैनी नूंह की नई अनाज मंडी में मेवात कैडर के शिक्षकों के कार्यक्रम में शामिल होने के साथ मेवात विकास एजेंसी की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे. मुबीन तेडिया इससे पहले मुख्यमंत्री के पोस्टर वाले बसों पर कालिख पोतने को लेकर भी चर्चा में रह चुके हैं.
राव इंद्रजीत सिंह रहे दूर
सीएम के कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी. निमंत्रण मिलने के बावजूद वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए. मंच पर मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मौजूद रहे.
यह डर अच्छा है
लेकिन सवालों से डरना अच्छा नहीं मुख्यमंत्री जी…..“मेवात में लोकतंत्र कैद – युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष श्री मुबिन ख़ान जी को हाउस अरेस्ट कर लिया CM आ रहे हैं, सवालों से डर रहे हैं”
CM नायब सैनी के मेवात दौरे से पहले ही भाजपा का डर सामने है,हम जननायक राहुल… pic.twitter.com/3STLw4Zmp7
— Haryana Congress (@INCHaryana) August 29, 2026
इससे पहले 21 अगस्त को गुरुग्राम में मुख्यमंत्री के काफिले को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए थे. प्रदर्शन के बाद आठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने सिविल लाइंस थाने में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था.
SHO समेत 17 पुलिसकर्मी सस्पेंड
पुलिस ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोककर नारेबाजी की और QRT जवानों से हाथापाई की. वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा था कि कार्यकर्ता केवल काले झंडे दिखा रहे थे और उन्होंने किसी पुलिसकर्मी के साथ मारपीट नहीं की. इस मामले में सिविल लाइंस थाने के SHO समेत 17 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था. कांग्रेस ने कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी उठाई थी.

