गुरुग्राम | केंद्र सरकार और किसानों के बीच लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए गुरुग्राम में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर- राजनीतिक) के प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब 4 घंटे तक बातचीत हुई. रात 11 बजे तक चली इस बैठक में अलग-अलग राज्यों से पहुंचे 13 किसान प्रतिनिधि शामिल रहे. किसान नेताओं ने अपनी 10 प्रमुख मांगों का चार्टर केंद्रीय मंत्री को सौंपा. बैठक के बाद मनोहर लाल ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर अलग- अलग मंत्रियों से चर्चा की जाएगी और उन्हें जल्द पूरा कराने का प्रयास होगा.
उन्होंने दावा किया कि किसान फिलहाल बातचीत से संतुष्ट हैं. हालांकि, किसान नेताओं ने साफ किया कि उन्हें अभी सिर्फ आश्वासन मिला है. मांगें लागू होने के बाद ही किसानों की संतुष्टि मानी जाएगी.
विस्तार से चर्चा
संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक जगदीप सिंह डल्लेवाल ने कहा कि बातचीत गंभीर और विस्तार से हुई. 4 घंटे के दौरान चार्टर के प्रत्येक मुद्दे पर किसानों और सरकार के बीच सीधे तौर पर चर्चा की गई. बैठक में भारत- अमेरिका ट्रेड डील, एमएसपी की कानूनी गारंटी, कृषि क्षेत्र का बुनियादी ढांचा, स्मार्ट मीटर और बिजली सब्सिडी समेत कई मुद्दे उठे.
भारत- अमेरिका ट्रेड डील
किसानों ने कृषि और डेयरी को डील से बाहर रखने की मांग की. सरकार ने भरोसा दिया कि एग्रीकल्चर और डेयरी को इससे बाहर रखा जाएगा और जल्द आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी होगा. मनोहर लाल ने कृषि मंत्रालय से बातचीत कर किसानों और विभाग के बीच सीधे नेगोशिएशन कराने का भरोसा दिया. खेतों से गुजरने वाली हाई-टेंशन बिजली लाइनों के मुआवजे के लिए नई किसान हितैषी पॉलिसी बनाने का आश्वासन दिया गया. आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज सभी पुलिस मामलों को वापस लेने की मांग रखी गई. सचिव हरदीप सिंह गिल ने कहा कि यदि 5 से 10 दिनों में 2-4 प्रमुख मांगों पर फैसला होता है तो सरकार पर भरोसा बढ़ेगा.
किसानों ने 75% लिखित सहमति, मार्किट रेट से 4 गुणा मुआवजा और पहले बंजर भूमि के अधिग्रहण जैसे प्रावधान दोबारा लागू करने की मांग की है. सरकार की ओर से इस पर जल्द फैसला लेने का भरोसा दिया गया.
