दुनिया की सबसे महंगी गाय की कीमत, भारत से खास कनेक्शन; जानकर उड़ जाएंगे होश

नई दिल्ली | भारत में गाय का रिश्ता सिर्फ पशुपालन तक सीमित नहीं है. जी हां, हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति में इसे लंबे समय से विशेष सम्मान दिया जाता रहा है. गांवों में आज भी हजारों परिवार दूध और पशुपालन के जरिए अपनी आजीविका चलाते हैं. इसके दूध से करोड़ों घर में तरह-तरह के पकवान बनते हैं, लेकिन क्या आपने कभी ऐसी गाय के बारे में सुना है जिसकी कीमत करोड़ों रुपये में हो? आमतौर पर इस बात को कोई नहीं जानता कि ऐसी भी एक गाय धरती पर मौजूद है, जिसका रुतबा ही काफी अलग है.

Viatina 19 FIV Mara Imoveis Cow Gaye

दुनिया की सबसे महंगी गाय का रिकॉर्ड भारत ने नहीं बनाया. दरअसल, ब्राजील की एक Nellore नस्ल की गाय के नाम यह रिकोर्ड दर्ज है जिसकी चर्चा इन दिनों सोशल मीडिया पर जोरो- शोरो से हो रहा है. तो आज हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताने वाले हैं…

दुनिया की सबसे महंगी गाय

इस गाय का नाम Viatina- 19 FIV Mara Imóveis है. इसकी कीमत इतनी अधिक बताई जाती है कि इस रकम से कई लग्जरी कारें या शहर में शानदार घर खरीदे जा सकते हैं. ब्राजील की करीब साढ़े चार साल की Viatina-19 तब सुर्खियों में आई, जब इसके एक-तिहाई मालिकाना हिस्से की नीलामी हुई. ब्राजील के अरंडू में हुई नीलामी में 1/3 हिस्सेदारी 1.44 मिलियन डॉलर, यानी करीब 11 करोड़ रुपये में बिकी.

इस कीमत के आधार पर पूरी गाय के मूल्य का अनुमान करीब 4.3 मिलियन डॉलर, यानी लगभग 35 करोड़ रुपये लगाया गया. इसी वजह से Viatina-19 को दुनिया की सबसे महंगी गाय के तौर पर जाना जाता है.

यह है खासियत

Nellore नस्ल की गायों की बनावट और शारीरिक क्षमता उन्हें कई दूसरी नस्लों से अलग बनाती है. इनके शरीर पर सामान्य तौर पर सफेद रंग के बाल होते हैं और कंधे के ऊपर बड़ा उभरा हुआ कूबड़ दिखाई देता है. इनकी त्वचा भी अपेक्षाकृत ढीली होती है. इस नस्ल की सबसे बड़ी खासियत गर्म और मुश्किल मौसम में खुद को ढालने की क्षमता है. ब्राजील जैसे गर्म देश में यह गुण पशुपालन के लिए काफी उपयोगी माना जाता है. सफेद बाल सूर्य की रोशनी के बड़े हिस्से को परावर्तित करते हैं, जिससे शरीर पर गर्मी का असर कम पड़ता है.

यह भी पढ़े -  बच्चों के पोषण के लिए हरियाणा सरकार की पहल, सरकारी स्कूलों में मिलेगा फोर्टिफाइड दूध और प्रोटीन बार

Nellore गायों में पसीने की ग्रंथियां कई यूरोपीय नस्लों की तुलना में बड़ी और अधिक संख्या में होती हैं. इससे शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद मिलती है. इनकी त्वचा मोटी और मजबूत होने के कारण कई तरह के परजीवी और खून चूसने वाले कीड़ों से भी अपेक्षाकृत बेहतर सुरक्षा मिलती है.

नस्ल की जड़ें

Nellore नाम सुनकर भारत का आंध्र प्रदेश स्थित नेल्लोर जिला याद आना स्वाभाविक है. माना जाता है कि इस नस्ल के पूर्वज भारत से ब्राजील पहुंचे थे. बाद में ब्राजील में इसका बड़े स्तर पर प्रजनन और पालन किया गया. समय के साथ Nellore ब्राजील के पशुपालन उद्योग की प्रमुख नस्लों में शामिल हो गई. आज देश में इसकी बड़ी आबादी है और यह वहां के बीफ कैटल उद्योग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

आस्था और आजीविका भी

भारत में गाय का महत्व धार्मिक मान्यताओं के साथ- साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा है. हिंदू धर्म में गाय को पवित्र मानते हुए ‘माता’ का दर्जा दिया जाता है. कई धार्मिक अवसरों और त्योहारों पर गाय की पूजा की जाती है. ग्रामीण इलाकों में गाय लंबे समय से परिवारों की आय का साधन रही है. दूध से दही, घी, मक्खन और पनीर जैसे उत्पाद तैयार किए जाते हैं. वहीं, खेती में बैलों का इस्तेमाल खेत जोतने और सामान ढोने जैसे कामों के लिए किया जाता रहा है. गाय का गोबर भी गांवों में खाद और ईंधन के रूप में उपयोग होता रहा है. जैविक खेती में आज भी गोबर से तैयार खाद का इस्तेमाल किया जाता है.

भारत में गाय जहां आस्था और ग्रामीण जीवन का हिस्सा है. वहीं, ब्राजील की Viatina-19 अपनी असाधारण कीमत और Nellore नस्ल की खास खूबियों के कारण पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है.

Avatar of Sanjukta Pandit
Sanjukta Pandit
View all posts

मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.