नूंह | हरियाणा में सरकारी भर्तियों में योग्यता को लेकर सरकार लगातार अपनी उपलब्धियां गिना रही है. इसी कड़ी में नूंह के साकरस गांव के एक मुस्लिम किसान परिवार के तीन सगे भाइयों की सरकारी नौकरी में चयन की कहानी चर्चा में है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को नूंह में आयोजित मेवात कैडर के 1,054 नवनियुक्त प्राथमिक शिक्षकों (PRT) के राज्यस्तरीय कार्यक्रम में इन तीनों भाइयों का विशेष रूप से जिक्र किया.
CM ने किसान हाजी शहाबुद्दीन के बेटों मोहम्मद अरशद, मोहम्मद इरशाद और इरफान खान की सफलता को भर्ती प्रक्रिया में योग्यता का उदाहरण बताया. तीनों भाइयों ने वर्ष 2024 में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की TGT भर्ती में सफलता हासिल की थी.
अलग- अलग पद पर चयन
भर्ती में मोहम्मद अरशद का चयन TGT उर्दू के पद पर हुआ. वहीं उनके दो भाई मोहम्मद इरशाद और इरफान खान ने TGT सामाजिक विज्ञान के पद पर जगह बनाई. एक ही परिवार के तीन भाइयों का एक ही भर्ती प्रक्रिया में सरकारी शिक्षक के तौर पर चयन होना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. साकरस गांव के इस परिवार की कहानी इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यह मेवात क्षेत्र से सामने आई है, जहां युवाओं में सरकारी नौकरी पाने की चाह काफी अधिक रहती है. किसान परिवार से आने वाले इन तीनों भाइयों ने सीमित संसाधनों के बावजूद पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दिया और सरकारी सेवा में स्थान बनाया.
आंकड़े रखे सामने
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस के 10 साल और भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई सरकारी भर्तियों के आंकड़े भी सामने रखे. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के 10 साल में करीब 86 हजार सरकारी नौकरियां दी गईं, जबकि भाजपा सरकार में दो लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं. CM ने साकरस के इस परिवार की उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि मेहनत, योग्यता और प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से सरकारी सेवा में पहुंचा जा सकता है.
