ज्योतिष डेस्क | शास्त्र में ग्रहों की चाल और राशि परिवर्तन को काफी अहम माना जाता है. मान्यता है कि ग्रहों के गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग पड़ता है. बुद्धि, वाणी और व्यापार के कारक बुध ग्रह 7 सितंबर 2026 को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस गोचर का असर मिथुन, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है. इस दौरान जल्दबाजी में लिए गए फैसले, गलतफहमी और पैसों से जुड़े मामलों में लापरवाही नुकसान करा सकती है.
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, बुध के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करना चाहिए. गणपति महाराज को हरे रंग की मिठाई का भोग लगाएं. रोजाना पशुओं को हरा चारा खिलाने के साथ जरूरतमंद लोगों को हरी रंग की वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है.
मिथुन राशि
बुध का गोचर मिथुन राशि के जातकों की परेशानियां बढ़ा सकता है. नौकरी और कार्यक्षेत्र में चुनौतियों के साथ विरोधियों से तनाव की स्थिति बन सकती है. आर्थिक दबाव बढ़ने से कर्ज की चिंता भी परेशान कर सकती है. कामकाज में जल्दबाजी से गलत निर्णय होने की आशंका है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों का पढ़ाई से ध्यान भटक सकता है और मनचाहा परिणाम नहीं मिलने से निराशा हो सकती है.
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए बुध का यह परिवर्तन अनुकूल नहीं रहने के संकेत हैं. आत्मविश्वास में कमी आ सकती है और बातचीत के दौरान गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं. अपनी बात सही तरीके से समझाने में परेशानी होने से भाई-बहनों के साथ मतभेद हो सकते हैं. छोटी यात्राओं से थकान और अतिरिक्त खर्च बढ़ सकता है. कारोबार में किसी नए व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा करना नुकसान या विवाद का कारण बन सकता है.
मकर राशि
मकर राशि के जातकों को भी इस अवधि में सतर्क रहने की सलाह दी गई है. फैसले लेने में असमंजस और आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है. बातचीत में सावधानी नहीं बरतने पर गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. नौकरीपेशा लोगों पर काम का दबाव बढ़ेगा. वहीं कारोबारियों की कुछ योजनाएं अटक सकती हैं और मुनाफे में कमी आने की स्थिति बन सकती है.
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