रेवाड़ी | हरियाणा के रेवाड़ी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के काफिले के अंधेरे में गुजरने का वीडियो सामने आने के बाद स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. रविवार को मैराथन में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे गढ़ी बोलनी रोड से PWD रेस्ट हाउस की ओर जा रहे थे. इस दौरान अमनगनी से रेजांगला पार्क के बीच करीब 2 किलोमीटर तक सड़क पर स्ट्रीट लाइटें बंद थीं. काफिले में शामिल गाड़ियां इसी अंधेरे वाले हिस्से से होकर गुजरीं.
वीडियो सामने आने के बाद मामले की पड़ताल में PWD और नगर परिषद के अधिकारियों से जवाब मांगा गया, लेकिन दोनों विभागों के अधिकारी स्ट्रीट लाइटों की जिम्मेदारी एक-दूसरे के क्षेत्र में बताते नजर आए.
PWD बोला- सड़क हमारी, लाइटें नहीं
PWD के एक्सईएन सत्येंद्र श्योराण ने कहा कि संबंधित सड़क PWD के अधीन है, लेकिन वहां लगी स्ट्रीट लाइटें विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आतीं. उन्होंने इसकी जिम्मेदारी नगर परिषद के अधीन होने की बात कही. उनका कहना था कि लाइटों की व्यवस्था के बारे में नगर परिषद के अधिकारी ही सही जानकारी दे सकते हैं. नगर परिषद के एक्सईएन अंकित वशिष्ट ने बताया कि रेजांगला पार्क तक का क्षेत्र नगर परिषद के अधीन है. इसके बाद नगर परिषद की सीमा समाप्त हो जाती है. उन्होंने कहा कि यदि PWD की ओर से स्ट्रीट लाइटें हैंडओवर की गई हैं तो आगे की जिम्मेदारी पंचायत की हो सकती है.
अगर ऐसा नहीं हुआ है तो जिम्मेदारी PWD की होगी. इस तरह दोनों विभागों के जवाब के बाद यह स्पष्ट नहीं हो सका कि मुख्यमंत्री के रूट वाले इस हिस्से की स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव आखिर किस विभाग की जिम्मेदारी है.
DC ने नहीं उठाया फोन
मामले में DC अभिषेक मीणा से भी पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. वहीं रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने घटना को सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर बताया. उन्होंने कहा कि मामले को जल्द संज्ञान में लेकर समाधान कराया जाएगा. मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर SP हेमेंद्र कुमार मीणा से बात की गई. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूट के दौरान स्ट्रीट लाइटें बंद रखने को लेकर ऐसा कोई नियम नहीं है. उनके अनुसार सुरक्षा में चूक से संबंधित कोई मामला पुलिस के सामने नहीं आया है.
शनिवार रात पहुंच थे CM
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को रेवाड़ी में आयोजित मैराथन में शामिल हुए थे. इससे एक दिन पहले शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे वह रेवाड़ी पहुंच गए थे. उनका काफिला गढ़ी बोलनी रोड से PWD रेस्ट हाउस की तरफ जा रहा था. इसी दौरान अमनगनी से रेजांगला पार्क के बीच करीब 2 किलोमीटर का हिस्सा अंधेरे में मिला. अब वीडियो सामने आने के बाद स्ट्रीट लाइटों की जिम्मेदारी और रखरखाव को लेकर विभागों के बीच स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठ रही है.
