सिरसा | श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए सिरसा जिला प्रशासन ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. श्रद्धालु 10 सितंबर 2026 तक उपायुक्त कार्यालय सिरसा में अपना आवेदन जमा कर सकते हैं. तय समय सीमा के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा. डीसी शांतनु शर्मा ने बताया कि पाकिस्तान में 22 नवंबर से 1 दिसंबर 2026 तक प्रकाश पर्व से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे.
इनमें शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालु उपायुक्त कार्यालय की प्रथम मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 41, विविध शाखा में आवेदन जमा कर सकते हैं. आवेदन प्राप्त होने के बाद प्रशासन की ओर से आवेदकों का सत्यापन कराया जाएगा और इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
ये दस्तावेज जरूरी
श्रद्धालुओं को आवेदन-पत्र के साथ आधार कार्ड, राशन कार्ड, पहचान-पत्र और वैध पासपोर्ट की प्रति जमा करनी होगी. प्रशासन की ओर से दस्तावेजों की जांच और वेरिफिकेशन के बाद पात्र श्रद्धालुओं से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित श्री ननकाना साहिब में 24 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व मनाया जाएगा. इसके बाद श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान में मौजूद अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करेगा.
इनमें करतारपुर साहिब भी प्रमुख धार्मिक स्थल है. यह गुरुद्वारा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले में भारत की सीमा के पास स्थित है. डेरा बाबा नानक से इसकी दूरी करीब 4.5 किलोमीटर बताई जाती है.
खुला था चोआ साहिब
पाकिस्तान का चोआ साहिब गुरुद्वारा भी सिख धर्म के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है. लंबे अंतराल के बाद इसे श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था. मान्यता है कि श्री गुरु नानक देव जी इस स्थान पर रुके थे. धार्मिक मान्यता के अनुसार, उस समय क्षेत्र सूखे की समस्या से जूझ रहा था. कहा जाता है कि गुरु नानक देव जी ने जमीन पर अपनी बेंत से प्रहार किया और एक पत्थर फेंका, जिसके बाद यहां प्राकृतिक जलस्रोत यानी चोहा प्रकट हुआ. इसी मान्यता के चलते गुरुद्वारा चोआ साहिब का सिख इतिहास में विशेष महत्व माना जाता है.
