रोहतक | हरियाणा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग (DMER) ने सत्र 2026- 27 में MBBS और BDS दाखिले के लिए राउंड-1 फिजिकल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद अंतिम सूची जारी कर दी है. 7 सितंबर 2026 को हुई डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया के बाद कुल 333 उम्मीदवारों को प्रवेश के लिए अंतिम रूप से पात्र पाया गया है. जारी सूची में 640 NEET स्कोर के साथ आयांश सिंगल पहले स्थान पर हैं.
उन्हें पंडित भगवत दयाल शर्मा PGIMS, रोहतक में MBBS सीट आवंटित हुई है. 638 अंक वाले अनुज रुहल दूसरे स्थान पर हैं और उन्हें भी PGIMS रोहतक में सीट मिली है. सूची के नतीजों से साफ है कि PGIMS रोहतक इस बार उम्मीदवारों की सबसे पसंदीदा संस्थानों में बना हुआ है.
पहली पसंद रोहतक
राउंड-1 की फाइनल सूची में टॉप 15 उम्मीदवारों में से 12 ने PGIMS रोहतक को अपनी पहली पसंद रखा और इसी संस्थान में सीट हासिल की. वहीं 333वें स्थान पर निशेष कात्याल हैं, जिनका NEET स्कोर 579 है और वे EWS कैटेगरी से हैं. उन्हें महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा (हिसार) आवंटित हुआ है. PGIMS रोहतक की स्थापना 1960 में हुई थी. उत्तर भारत के पुराने और बड़े चिकित्सा संस्थानों में शामिल होने के कारण यहां मरीजों की संख्या काफी रहती है.
मेडिकल शिक्षा में किताबों की पढ़ाई के साथ वास्तविक मरीजों और अलग- अलग बीमारियों के केस को समझना भी महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी वजह से यहां छात्रों को जटिल और दुर्लभ मामलों को करीब से देखने का अवसर मिलता है.
अनुभवी डॉक्टर
PGIMS रोहतक में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और न्यूरोसर्जरी जैसे उन्नत विभाग संचालित होते हैं. संस्थान में सुपर-स्पेशलिटी स्तर की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने से MBBS छात्रों को अलग-अलग विशेषज्ञताओं का अनुभव मिलता है. यहां की फैकल्टी में अनुभवी प्रोफेसर और विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं. MBBS के बाद NEET PG की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए भी PGIMS रोहतक का माहौल महत्वपूर्ण माना जाता है. संस्थान में MD/MS के साथ DM/MCh स्तर की सुपर- स्पेशलिटी सीटें भी हैं. छात्रों को इंटर्नशिप के दौरान क्लिनिकल अनुभव के साथ सीनियर्स से मार्गदर्शन, स्टडी मटेरियल और आगे की पढ़ाई से जुड़ा माहौल मिलता है.
रिसर्च की सुविधा
PGIMS रोहतक का परिसर 350 से अधिक एकड़ में फैला है. यहां आधुनिक लाइब्रेरी, 24×7 वाई- फाई, अत्याधुनिक लैब, ऑडिटोरियम और हॉस्टल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं. संस्थान में नेशनल और इंटरनेशनल स्तर के मेडिकल रिसर्च प्रोजेक्ट्स भी संचालित होते हैं, जिससे UG छात्रों को रिसर्च से जुड़ने और पेपर पब्लिश करने के अवसर मिलते हैं.
रोहतक की दिल्ली- NCR से नजदीकी भी छात्रों के लिए एक अतिरिक्त फायदा है. छह दशक से अधिक समय में यहां से पढ़कर निकले कई डॉक्टर देश- विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर रहे हैं. इनमें AIIMS जैसे संस्थानों के साथ अमेरिका, यूके और अन्य देशों में कार्यरत डॉक्टर भी शामिल हैं.
