रोहतक | हरियाणा के रोहतक की जनता कॉलोनी में माता धनपति देवी चैरिटेबल ट्रस्ट पिछले दो दशक से आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध करा रहा है. ट्रस्ट ने अपना स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया, जिसमें विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया.
ट्रस्ट के चेयरमैन हरिप्रकाश गुप्ता ने बताया कि 2006 में महज 17 बच्चों के साथ इस पहल की शुरुआत की गई थी. उस समय उद्देश्य ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़ना था, जो आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई से दूर हो रहे थे. आज ट्रस्ट में 320 बच्चे बिना किसी शुल्क के शिक्षा हासिल कर रहे हैं.
नौकरी में कर रहे काम
हरिप्रकाश गुप्ता के अनुसार ट्रस्ट से पढ़ाई पूरी कर चुके करीब 300 बच्चे आज सरकारी और निजी संस्थानों में अलग-अलग पदों पर कार्यरत हैं. इनमें डॉक्टर, इंजीनियर और सरकारी विभागों में अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहे विद्यार्थी भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में बच्चों से शिक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता, जबकि यहां पढ़ाने वाले शिक्षकों को नियमानुसार वेतन दिया जाता है. इस व्यवस्था का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर देना है.
शिक्षा के साथ संस्कार पर जोर
समाजसेवी गोबिंदराम सिंघल ने कहा कि ट्रस्ट केवल बच्चों को पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें संस्कार और सही दिशा देने का भी काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि हरिप्रकाश गुप्ता ने अपने घर के एक कमरे से इस कार्य की शुरुआत की थी. धीरे-धीरे यह प्रयास बढ़ा और आज ट्रस्ट के पास बच्चों की शिक्षा के लिए भवन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चों को शिक्षित बनाना समाज की सबसे बड़ी सेवा में से एक है. आज 300 से अधिक बच्चों को शिक्षा और संस्कार देकर उनके बेहतर भविष्य की नींव तैयार की जा रही है.
