रेवाड़ी | रविवार को हरियाणा के रेवाड़ी में नशे के खिलाफ आयोजित मैराथन के दौरान हरियाणा BJP की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कार्यक्रम में पहुंचे, लेकिन केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह नजर नहीं आए. खास बात यह रही कि कार्यक्रम के पोस्टर और बैनरों में राव इंद्रजीत का नाम प्रमुखता से शामिल था. जब पत्रकारों ने CM से पूछा कि रेवाड़ी आने पर राव इंद्रजीत उनसे दूर क्यों रहते हैं, तो नायब सैनी ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए. इससे पहले भी जिले में मुख्यमंत्री के दो कार्यक्रमों से राव इंद्रजीत और उनके समर्थकों की दूरी चर्चा का विषय बनी थी.
मैराथन में रेवाड़ी क्षेत्र से BJP के तीनों विधायक लक्ष्मण यादव, कृष्ण कुमार और अनिल यादव मौजूद रहे. इससे पहले 23 अगस्त को बावल में हुए मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भी तीनों विधायक पहुंचे थे, जबकि राव इंद्रजीत सिंह वहां नहीं आए थे.
3 विधायक कार्यक्रम में मौजूद
मैराथन के लिए प्रशासन की ओर से जारी पोस्टर में भी राव इंद्रजीत का नाम मुख्यमंत्री नायब सैनी के ठीक नीचे रखा गया था. इसके बावजूद उनकी गैरमौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी. राव इंद्रजीत की गैरमौजूदगी को उनके हाल के कार्यक्रमों से जोड़कर देखा जा रहा है. इससे पहले 30 जून और 23 अगस्त को बावल में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम हुए थे. इन दोनों आयोजनों में भी राव इंद्रजीत की मौजूदगी नहीं रही थी.
रविवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने संबोधन में अहीरवाल क्षेत्र के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम का उल्लेख किया. इसे क्षेत्र की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
बढ़ी राजनीतिक चर्चा
राव इंद्रजीत की बेटी और हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के एक हालिया बयान के बाद भी दक्षिण हरियाणा की राजनीति में चर्चाएं तेज हैं. 3 सितंबर को नारनौल में यादव महासभा के कार्यक्रम में उन्होंने अपने परिवार और दक्षिण हरियाणा की आवाज को लेकर कई तीखे बयान दिए थे. आरती राव ने कहा था कि उनके परिवार ने हमेशा इस क्षेत्र के हितों की आवाज उठाई है और कभी यह नहीं सोचा कि इसका उनके भविष्य पर क्या असर पड़ेगा. उन्होंने श्रीकृष्ण के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा था कि अन्याय के खिलाफ चुप नहीं रहना चाहिए.
देश के बलिदान में आगे
आरती राव ने दक्षिण हरियाणा को वीरों की धरती बताते हुए कहा था कि क्षेत्र के लोग देश के लिए बलिदान देने में आगे रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है और अगर लोग अपनी बात नहीं रखेंगे तो कौन रखेगा. अपने परिवार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था कि परिवार के कई लोगों ने क्षेत्र की आवाज उठाई और अपने बारे में नहीं सोचा. इसी दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि आज जब राव तुलाराम का नाम लिया जाता है तो कुछ लोगों के पेट में दर्द होता है.
राव इंद्रजीत की लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से गैरमौजूदगी और दूसरी ओर स्थानीय BJP विधायकों की मौजूदगी ने रेवाड़ी की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. हालांकि उनकी गैरमौजूदगी की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है, लेकिन लगातार तीन कार्यक्रमों में दूरी को लेकर BJP के भीतर की सियासत पर सवाल उठने लगे हैं.
