ज्योतिष डेस्क | गणेशोत्सव के दौरान गणपति बप्पा को मोदक का भोग लगाने की परंपरा है. इस मौके पर घरों में अलग-अलग तरह के मोदक तैयार किए जाते हैं. अगर इस बार आप पारंपरिक मोदक से कुछ अलग बनाना चाहते हैं, तो मोतीचूर मोदक एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. मोतीचूर के लड्डू जैसा स्वाद और मोदक का खूबसूरत आकार इस मिठाई को खास बना देता है.
बेसन की बारीक बूंदी, इलायची की खुशबू और चांदी के वर्क से तैयार यह मिठाई पूजा की थाली के साथ मेहमानों को परोसने के लिए भी शानदार है. इसे घर पर बनाने के लिए ज्यादा मुश्किल तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती.
बेसन का घोल
मोतीचूर मोदक बनाने के लिए सबसे पहले बेसन को अच्छी तरह छान लें. इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए पतला और चिकना घोल तैयार करें. ध्यान रखें कि घोल इतना पतला हो कि झारे से आसानी से नीचे गिर सके. इसमें चुटकी भर ऑरेंज या केसरी फूड कलर डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब कड़ाही में घी या तेल गर्म करें. बारीक छेद वाले झारे या बूंदी मेकर की मदद से बेसन का घोल गर्म तेल में डालें. इससे छोटी- छोटी बूंदियां बनेंगी. बूंदी को धीमी से मध्यम आंच पर कुछ सेकंड तक तलें और कुरकुरी होने पर छलनी से निकाल लें.
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चाशनी में डालें तैयार बूंदी
अब दूसरी कड़ाही में पानी और चीनी डालकर चाशनी बनाएं. चीनी घुलने के बाद इसमें इलायची पाउडर डालें. चाशनी हल्की चिपचिपी होने लगे तो इसमें तैयार बूंदी डालकर अच्छी तरह मिलाएं. गैस धीमी करके बर्तन को ढक दें और करीब 15 से 20 मिनट तक छोड़ दें, ताकि बूंदी चाशनी को अच्छी तरह सोख ले. जब बूंदी का मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए, तो इसे मिक्सी में हल्का सा पीस लें. मिश्रण को मोदक के सांचे में भरकर अच्छी तरह दबाएं और सांचा खोल दें. इस तरह तैयार मोदक को प्लेट में रखें और ऊपर से चांदी का वर्क लगाएं. अब मोतीचूर मोदक गणपति बप्पा के भोग के लिए तैयार है.
डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंस्टाग्राम वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। Haryana E Khabar इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।
