चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने प्रदेश के करीब 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मियों को बड़ी राहत दी है. शहरी सफाई कर्मियों की हड़ताल के बाद सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर भी फैसला लिया है. 29 मई, 2026 को हुई बैठक में रखी गई मांगों के आधार पर मानदेय, भत्तों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी के बाद ग्रामीण सफाई कर्मियों का मासिक मानदेय जनवरी 2026 से 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार 100 रुपये कर दिया गया है. जनवरी से जून 2026 तक बढ़ी हुई राशि का 2,100 रुपये प्रतिमाह का बकाया भी कर्मचारियों को दिया जाएगा.
रिकॉर्ड सत्यापन
अक्टूबर 2023 की हड़ताल अवधि के दौरान लंबित मानदेय का भुगतान भी पात्र कर्मचारियों को रिकॉर्ड सत्यापन के बाद किया जाएगा. इसमें ढांड के 48, फरुखनगर के 54, सिहमा के 25 और निजामपुर के 15 कर्मी शामिल हैं. ग्रामीण सफाई कर्मियों को अपने गांव से बाहर ड्यूटी करने पर अब 200 रुपये प्रतिदिन का भत्ता मिलेगा. यह भुगतान बीडीपीओ कार्यालय के पेटी खर्च से किया जाएगा. वहीं वार्षिक वर्दी भत्ता 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये और धुलाई भत्ता 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दिया गया है.
ग्रामीण सफाई कर्मियों को हरियाणा सरकार का बड़ा तोहफा; मानदेय, भत्तों और कल्याणकारी सुविधाओं में बढ़ोतरी।
ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति मिलेगी।
जनवरी 2026 से 30 जून, 2026 तक मानदेय में ₹2,100 की वृद्धि करते हुए इसे ₹16,000 से…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 10, 2026
सामाजिक सुरक्षा का लाभ
ड्यूटी के दौरान किसी ग्रामीण सफाई कर्मी की मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा आधार पर नौकरी देने का प्रावधान किया गया है. बीडीपीओ कार्यालय मृतक कर्मी के परिवार को ईपीएफ/ईएसआई डेथ क्लेम की प्रक्रिया पूरी कराने में भी सहायता करेगा. सरकार ने मानदेय में देरी रोकने के लिए भी व्यवस्था तय की है. अब हर महीने की सात तारीख तक भुगतान करना अनिवार्य होगा. देरी होने पर 500 रुपये का जुर्माना देना होगा. कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि फैसलों से कर्मचारियों को आर्थिक राहत और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी.
