नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चे अब अपने शहर की विरासत को क्लासरूम से बाहर निकलकर करीब से जान सकेंगे. इसके लिए दिल्ली सरकार ने 75 सीएम श्री स्कूलों में हेरिटेज क्लब शुरू किए हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को इस पहल की शुरुआत की. क्लब के जरिए पूरे साल बच्चों को दिल्ली के इतिहास, कला, संस्कृति और ऐतिहासिक इमारतों से जोड़ने वाली गतिविधियां कराई जाएंगी.
हेरिटेज क्लब से जुड़े विद्यार्थियों को दिल्ली के अलग- अलग ऐतिहासिक स्थलों पर ले जाया जाएगा. संग्रहालयों, अभिलेखागार और पुस्तकालयों का भ्रमण भी इसका हिस्सा होगा. वहां बच्चों को संबंधित जगह के इतिहास और उसके महत्व के बारे में बताया जाएगा.
कराई जाएंगी प्रतियोगिताएं
स्कूल स्तर पर प्रश्नोत्तरी, पोस्टर और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी. विद्यार्थी ऐतिहासिक स्मारकों की प्रतिकृतियां बनाने के साथ अपने इलाके के इतिहास पर परियोजनाएं तैयार करेंगे. विरासत दिवस और विरासत उत्सव जैसे आयोजन भी स्कूलों में होंगे. इस पहल में स्थानीय इतिहास को भी जगह दी गई है. बच्चे अपने क्षेत्र के बुजुर्गों से बातचीत कर पुरानी घटनाओं, परंपराओं और ऐसी जानकारियों को जुटा सकेंगे, जिनका किताबों में ज्यादा जिक्र नहीं मिलता. इन जानकारियों को डिजिटल कहानी और लघु वृत्तचित्र के रूप में तैयार करने के लिए भी उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा.
इतिहास की झलक
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बच्चों को इतिहास से जोड़ने के लिए सिर्फ पाठ्यपुस्तकों पर निर्भर नहीं रहा जा सकता. विद्यार्थियों को अपनी जड़ों और शहर की विरासत को करीब से देखने का मौका मिलना चाहिए. शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने नई पीढ़ी को दिल्ली के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, कला और स्थानीय परंपराओं से परिचित कराने पर जोर दिया. कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली की विरासत महरौली और लाल किले तक सीमित नहीं है. शहर के अलग-अ लग हिस्सों में मौजूद इतिहास से बच्चों को हेरिटेज क्लब के माध्यम से जोड़ा जाएगा.
