दिल्ली में बसों को लेकर 2029 तक का मेगा प्लान, 14 हजार ई- बसों के लिए 7 डिपो में बनेगी यह खास सुविधा

नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली की सड़कों पर आने वाले वर्षों में ई- बसों की संख्या तेजी से बढ़ने वाली है. इसे देखते हुए सरकार ने अभी से बस डिपो में चार्जिंग की क्षमता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. राजधानी के 7 और बस डिपो में नया चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा, जिस पर 300.61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. सरकार की वित्त एवं व्यय समिति ने इसके लिए राशि को मंजूरी दे दी है. दिल्ली सरकार ने 2029 तक सार्वजनिक बस बेड़े में 14 हजार ई- बसें शामिल करने का लक्ष्य रखा है.

Electric Bus Depot

इसी योजना के तहत दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के दिचाऊं कलां, कैर, खरखरी नहर और घुमनहेरा क्षेत्र में मौजूद डीटीसी और क्लस्टर बस डिपो को इलेक्ट्रिक बसों के लिहाज से तैयार किया जाएगा. परियोजना के लिए सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद काम शुरू होगा. इसे पूरा करने के लिए करीब 18 महीने का समय निर्धारित किया गया है.

खर्च होंगे 120.25 करोड़ रुपये

300.61 करोड़ रुपये की कुल लागत में से 40 प्रतिशत राशि इसी वित्त वर्ष में खर्च होगी. इसके तहत 120.25 करोड़ रुपये बिजली वितरण कंपनियों यानी डिस्काम को जारी किए जाएंगे. बाकी 180.36 करोड़ रुपये की व्यवस्था अगले वित्त वर्ष के बजट से की जाएगी. चार्जिंग सिस्टम तैयार करने से पहले संबंधित बस डिपो की बिजली ग्रिड से दूरी का आकलन भी किया जाएगा. उसी आधार पर बिजली सप्लाई के लिए जरूरी नेटवर्क तैयार होगा.

यह भी पढ़े -  दिल्ली के स्कूली बच्चों के लिए खुलने जा रहा इतिहास का खजाना, 75 स्कूलों में शुरू हुई नई पहल

बढ़ाई जा रही सुविधा

राजधानी में इस समय 50 से अधिक बस डिपो हैं. परिवहन विभाग आने वाली ई- बसों को देखते हुए इन डिपो में चार्जिंग सुविधा लगातार मजबूत कर रहा है. दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बेड़े में वर्तमान में 5,000 से अधिक ई-ब सें चल रही हैं. 7 और डिपो में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने से भविष्य में बढ़ने वाले इलेक्ट्रिक बस बेड़े को संभालने के लिए अतिरिक्त चार्जिंग क्षमता उपलब्ध होगी.

Avatar of Sanjukta Pandit
Sanjukta Pandit
View all posts

मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.