नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली की प्रमुख सड़कों पर गड्ढों की समस्या दूर करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने 30 नवंबर की डेडलाइन तय कर दी है. इस अवधि में करीब 600 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा-मुक्त करने की तैयारी है. पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने अधिकारियों को काम की रफ्तार बढ़ाने के साथ गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं करने को कहा है.
सड़क निर्माण की जमीनी स्थिति जांचने के लिए प्रवेश वर्मा बृहस्पतिवार-शुक्रवार की रात करीब 12 बजे अफ्रीका एवेन्यू मार्ग पहुंचे. यहां निर्माण कार्य चल रहा था. मंत्री ने मौके पर सड़क की मोटाई और गुणवत्ता की जांच कराने के साथ काम की रफ्तार की जानकारी ली.
थर्ड-पार्टी एजेंसी
निर्माण में तय मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी के लिए थर्ड-पार्टी एजेंसी भी लगाई गई है. एजेंसी विशेष मशीनों से सड़क की मोटाई और गुणवत्ता की जांच करेगी. काम में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित एजेंसी और ठेकेदार की जवाबदेही तय होगी. पीडब्ल्यूडी सड़क बनाने वाली कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ा रहा है. जिस ठेकेदार कंपनी को सड़क निर्माण का काम दिया जाएगा, अगले पांच वर्षों तक उसी सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी भी उसकी होगी. इससे निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क खराब होने पर संबंधित कंपनी की जवाबदेही तय की जा सकेगी.
बिटुमिन की सप्लाई ने रोकी थी रफ्तार
प्रवेश वर्मा के मुताबिक वैश्विक तनाव और युद्ध के हालात के कारण बिटुमिन (तारकोल की आपूर्ति प्रभावित हुई थी. इसकी कीमतें बढ़ने से भी सड़क निर्माण की रफ्तार पर असर पड़ा. अब विभाग ने नए टेंडर जारी किए हैं. इसके बाद कई इलाकों में सड़क निर्माण और मरम्मत का काम फिर तेज किया गया है. दिल्ली में पीडब्ल्यूडी के पास फिलहाल करीब 1,400 किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क है. इसे चरणबद्ध तरीके से सुधारने की योजना बनाई गई है.
