हरियाणा में अलग-अलग स्कूलों में गेस्ट टीचर्स को अलग-अलग वेतन, खट्टर सरकार ने बनाई कमेटी

चंडीगढ़ । पद एक, पढ़ाने का काम एक… मगर वेतन अलग-अलग. कुछ ऐसी स्थिति हरियाणा के विभिन्न जिलों में कार्यरत गेस्ट टीचर्स की बनी हुई है. हरियाणा विधानसभा में गेस्ट टीचर्स की सेवाओं को 58 वर्ष की आयु तक करने के फैसले के बाद उन्हें नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर DA (महंगाई भत्ता) दिया जाता है. नियमित कर्मचारियों को 11 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिए जाने के बाद गेस्ट टीचर्स को भी इतना ही लाभ मिलना है, मगर बेसिक वेतन को लेकर मामला उलझा हुआ है. गेस्ट टीचर्स की वेतन विसंगतियां और अन्य मामलों के निस्तारण के लिए प्रदेश सरकार ने अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. अमित अग्रवाल के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई है. राज्य में करीब 13 हजार गेस्ट टीचर हैं.

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हरियाणा विधानसभा में वर्तमान भाजपा सरकार ने जब बिल रखा था तो उसने यह तय किया गया था कि गेस्ट टीचर्स को बेसिक के ऊपर नियमित कर्मियों की तरह महंगाई भत्ता मिलेगा. उस समय हरियाणा के PGT गेस्ट को 36 हजार रुपये एकमुश्त मिलते थे, जिसके बाद जुलाई 2019 में पांच फीसद की वृद्धि की गई. यहां तक सब ठीक था, मगर PGT गेस्ट को इस वृद्धि के साथ 37 हजार 800 रुपये मिलने लगे. इसके बाद विभाग की ओर से पांच प्रतिशत मानदेय बढ़ोतरी का एक पत्र जारी किया गया. इसी पत्र के बाद कुछ विद्यालयों ने 36 हजार रुपये ही पांच प्रतिशत निकलवाना जारी रखा, जबकि अनेक विद्यालयों ने मानदेय और डीए की बढ़ोतरी अलग-अलग कर दी. इस कारण अलग-अलग स्कूलों में अलग-अलग वेतन मिलने लगा, जबकि पीजीटी व टीजीटीव जेबीटी का पद एक ही है. 

इसके बाद सरकार की ओर से तीन प्रतिशत की वृद्धि का पत्र जारी हुआ, जिसे लेकर दुविधा और बढ़ गई. वर्तमान में सरकार द्वारा 11 फीसद बढ़ोतरी का पत्र जारी होने के बाद गेस्ट टीचर्स में इस बात को लेकर काफी रोष पनप रहा है कि आखिर सरकार गेस्ट टीचर को किस तरह की बढ़ोतरी देना चाहती है. विधानसभा में उस समय सरकार ने बढ़ोतरी DA के रूप में करने की बात कही थी. अभी कुछ समय पहले विभाग की ओर से इस बढ़ोतरी को मानदेय का नाम दे दिया गया. ऐसे में गेस्ट टीचर समझने से वंचित है कि आखिर सरकार और विभाग उन्हें देना कितना चाहता है और दे क्या रहा है. 

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मामला तब अधिक विकट हो गया, जब 11 फीसद की वृद्धि के बाद विभिन्न जिलों के शिक्षा अधिकारी जो पत्र जारी कर रहे हैं, उनमें भी वेतन अलग-अलग लिखा है. सही वेतन कितना है और उसका कैलकुलेशन कितना है, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गेस्ट टीचर्स के वेतन निर्धारण से जुड़े मामले में एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, विभाग के अधिकारियों को अतिथि अध्यापकों के सेवा नियम भी 30 अक्तूबर तक बनाने की हिदायत दी है.

इस कमेटी का नेतृत्व मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव Dr अमित अग्रवाल करेंगे, जबकि इसमें माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक जे गणेशन और मौलिक शिक्षा विभाग के निदेशक अंशज सिंह शामिल होंगे. गौरतलब है पद एक लेकिन हरियाणा के अलग-अलग स्कूलों में गेस्ट टीचर्स की सैलरी अलग-अलग है. इस वेतन विसंगति को दूर करने के लिए सरकार ने एक कमेटी बनाई है. कमेटी 30 अक्टूबर तक अतिथि अध्यापकों के सेवा नियम बनाएगी.